भ्रांतियों से दूरी बनाएं,मिर्गी का उपचार कराएं- कुलपति
सैफई,इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय(यूपीयूएमएस),सैफई में सोमवार को न्यूरोलॉजी विभाग के तत्वाधान में राष्ट्रीय मिर्गी दिवस (17 नवंबर)का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में मिर्गी रोग से जुड़ी गलतफहमियों,अंधविश्वासों और मिथकों को दूर कर वैज्ञानिक एवं सही उपचार पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.)अजय सिंह ने कहा कि मिर्गी एक उपचार योग्य स्थिति है और समय पर चिकित्सा परामर्श व नियमित दवा से मरीज अपना पूर्णतःसामान्य जीवन जी सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस दिवस को मनाने का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं,बल्कि समाज में फैली भ्रांतियों को समाप्त करना भी है।झाड़-फूंक या अंधविश्वास समाज में फैली भ्रांतियां के चक्कर में पड़ने के बजाय समय पर विशेषज्ञ डॉक्टर से इलाज कराना चाहिए।न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.)रमाकांत ने बताया कि हमारे संस्थान में मिर्गी रोगियों के लिए सभी जांचें व बेहतर मिर्गी उपचार प्रबंधन किया जा रहा है।
मिर्गी में क्या न करें
- झाड़-फूंक,टोना-टोटका या अंधविश्वासों पर भरोसा न करें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के दवा कभी बंद न करें।
- दौरे के दौरान व्यक्ति को पकड़ने,दबाने या उसके मुँह में कुछ डालने की कोशिश न करें।
- दौरे के दौरान या तुरंत बाद व्यक्ति को पानी,भोजन या दवा न दें।
- अनियंत्रित दौरे होने पर अकेले तैराकी, ऊँचाई पर कार्य या आग के पास काम जैसी जोखिम भरी गतिविधियों से बचें।
- अत्यधिक शराब सेवन एवं नशीली पदार्थों से दूर रहें।
- चिंता,अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को नज़रअंदाज़ न करें जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से परामर्श लें।
- लंबे समय तक दौरा चलने या चोट लगने पर आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेने में देरी न करें।
मिर्गी में क्या करें
- नियमित और पर्याप्त नींद लें, तथा डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएँ समय पर लें।
- संतुलित भोजन करें और ज्ञात ट्रिगर्स (जैसे शराब, चमकती रोशनी,भोजन छूटना)से बचें।
- तनाव कम करने के लिए योग,ध्यान या रिलैक्सेशन तकनीकों का उपयोग करें।
- परिवार,मित्रों और सहकर्मियों को मिर्गी के बारे में जागरूक करें और दौरे के प्राथमिक उपचार सिखाएँ
- जैसे व्यक्ति को करवट से लिटाना, सिर के नीचे मुलायम वस्तु रखना, और वायुमार्ग खुला रखना।
- सहायता समूहों या प्रशिक्षित देखभालकर्ताओं का सहयोग प्राप्त करें।
- दैनिक गतिविधियों में सुरक्षा उपाय अपनाएँ जैसे खेलते समय हेलमेट पहनें, अकेले तैराकी या नहाने से बचें।
- यूपीयूएमएस न्यूरोलॉजी विभाग की टीम द्वारा आने वाले दिनों में स्कूलों,कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता
- कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से मिर्गी के प्रबंधन, प्राथमिक उपचार एवं रोगियों की सुरक्षा के बारे में व्यापक जानकारी प्रदान की जाएगी।





