इटावा। शहीदे आज़म इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में शहर में मजलिसों का आयोजन कर गमे हुसैन मनाया गया।घटिया अज़मत अली इमामबाड़े में हजरत कासिम की मेंहदी और आलमपुरा इमामबाड़े में मौला अब्बास के अलम की जियारत बरामद हुई।इमामबाड़ा घटिया अज़मत अली व कबीर गंज में तहसीन रज़ा के मकान पर आयोजित मजलिसों में तकरीर करते हुए मौलाना डा.सैयद एजाज़ अली सीवान बिहार ने कहा जहां दीन है वहीं हुसैन हैं और जहां दीन नहीं वहां हुसैन नहीं। हुसैन खुद दीन हैं।शावेज़ नक़वी ने बताया कि इमाम बारगाह में तनवीरुल हसन रिज़वी मुन्ना व शारिक सगीर शानू की ओर से आयोजित मजलिस में मौला अब्बास के अलम की जियारत बरामद हुई साथ ही शिया युवाओं ने नोहा ख्वानी के साथ जबरदस्त मातम किया।
साबित गंज में आसिफ़ रिज़वी अश्शू के मकान पर आयोजित मजलिस में मौला अब्बास के अलम की जियारत बरामद हुई।इसके अलावा पक्की सराये बड़ा इमामबाड़ा में गुलामुस सैयदेन,शरीफ मंजिल सैदबाड़ा इमामबाड़े में राहत अक़ील,स्वामी टोला में आले रज़ा नक़वी की ओर से मजलिसें हुईं।दरगाह मौला अब्बास महेरा स्थित मुशीर हैदर के मकान पर मौला अब्बास की नज़र हुई।पक्का तालाब पर तनवीरुल हसन रिज़वी मुन्ना की ओर से लगाई गई दस दिवसीय शर्बत की सबील पर मौला अब्बास की नज़र हुई और मौलाना अनवारुल हसन जैदी,शारिक सगीर शानू,रानू,शाद अली हसन,शम्स अली हसन ने राहगीरों को ठंडा शर्बत पिलाया और फल वितरित किये। इस अवसर पर मो.मियां,शावेज़ नक़वी, अख्तर अब्बास रिज़वी,परवेज हसनैन, शादाब हसन आदि मौजूद रहे।





