Sunday, April 26, 2026
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बाल विवाह जैसी प्रथा को समाप्त करना आवश्यक

जिला चिकित्सालय परिसर स्थित वन स्टॉप सेंटर में महिला कल्याण विभाग द्वारा मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम ‘बाल विवाह को ना, शिक्षा को हां’ रही। स्वयं अपना बाल विवाह रोकवाने वाली एक साहसी बालिका को सम्मानित कर प्रेरणास्रोत के रूप में प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की और बताया कि बाल विवाह न केवल बालिकाओं के भविष्य को प्रभावित करता है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। उपस्थित बालिकाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, हेल्पलाइन नंबर 1090, 181, 112, 1098 आदि की जानकारी दी गई तथा उन्हें किसी भी संकट या समस्या की स्थिति में तत्काल मदद लेने के लिए प्रेरित किया गया। परियोजना समन्वयक आशीष मिश्रा ने कहा कि समाज में जागरूकता लाकर ही बाल विवाह जैसी प्रथाओं को समाप्त किया जा सकता है।

डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर शिवेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि शिक्षा ही बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाती है, इसलिए हर बालिका को शिक्षित होना चाहिए। सेंटर मैनेजर चेतना सिंह ने कहा कि वन स्टॉप सेंटर महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षा और सहायता का सशक्त माध्यम है। जेंडर स्पेशलिस्ट ज्योत्सना सिंह ने बाल विवाह के कानूनी पहलुओं पर जानकारी दी, वहीं राजकुमार आर्य ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही समाज को सुरक्षित और संवेदनशील बनाया जा सकता है।

इस दौरान अंकित चन्द्र, दीपशिखा शुक्ला, स्वाती पाण्डेय, निधि त्रिपाठी, रिचा तिवारी, प्रदीप कुमार, नीरज कुमार तिवारी, संजय और मधु शुक्ला सहित अन्य उपस्थित रहे।

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