Monday, September 1, 2025
spot_img
HomePolitical'ऐसा मुख्यमंत्री मिलना भी त्रासदी है', हिमाचल आपदा के बीच गरमाई सियासत;...

‘ऐसा मुख्यमंत्री मिलना भी त्रासदी है’, हिमाचल आपदा के बीच गरमाई सियासत; CM सुक्खू पर बरसे जयराम ठाकुर

मंडी में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर आपदा के समय सही ढंग से जायजा न लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केवल हेलीपैड तक जाकर लौट आते हैं जबकि असली पीड़ा गांवों में है। जयराम ठाकुर ने सराज नाचन करसोग और मंडी सदर को सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बताया।

हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन से पैदा हुई भयावह स्थिति के बीच राजनीति भी तेज हो गई है। मंडी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब पूरा प्रदेश आपदा की चपेट में है, तब भी मुख्यमंत्री जमीनी हालात का सही ढंग से जायजा नहीं ले रहे हैं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सिर्फ हेलीपैड तक पहुंच कर चले जाते हैं, जबकि लोगों की असली पीड़ा तो पहाड़ियों के बीच बसे गांवों में है, जहां सड़कें तक नहीं बचीं। मैंने खुद कई प्रभावित क्षेत्रों में पैदल पहुंच कर हालात देखे हैं। लोगों के आंसू थम नहीं रहे और मुख्यमंत्री से संपर्क तक नहीं हो पा रहा। मैंने छह बार कॉल किया, लेकिन बात नहीं हुई।

लैंडलाइन पर भी जवाब मिला कि ऊपर फोन नहीं दिया जाता। उन्होंने मुख्यमंत्री पर राजनीतिक बयानबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश को संकट से बाहर निकालने की जरूरत है, न कि बयान देने की। मुख्यमंत्री की सोच का दायरा ही अलग है, तमाशा बन गया है। प्रदेश को आपदा से बाहर निकालने की जिम्मेदारी उनकी है, लेकिन वह सिर्फ राजनीतिक बयान दे रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि सराज, नाचन, करसोग और मंडी सदर सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र हैं। सराज को देखकर वह स्तब्ध हैं। ऐसा लगता है जैसे सराज 25 साल पीछे चला गया हो। एक विधायक के तौर पर जो काम मैंने वर्षों में किए, सब तबाह हो गए। उन्होंने कहा कि सराज के जंजैहली, थुनाग, कुकलाह, पखरेर आदि क्षेत्रों में हालात बहुत खराब हैं।

सराज में अब तक नौ शव मिल चुके हैं और 21 लोग अब भी लापता हैं। नाचन के आठ लोग लापता हैं। बागवानों को भी भारी नुकसान हुआ है। लोगों के सेब के बगीचे दो-दो किलोमीटर तक बह गए हैं। 400 से 500 पौधे पूरी तरह नष्ट हो गए। उन्होंने कहा कि सराज में 500 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा है और धर्मपुर में भी करीब 30 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।

उन्होंने प्रशासन से राहत कार्यों की रफ्तार तेज करने की मांग करते हुए कहा कि अभी भी सैकड़ों सड़कें बंद हैं, कई क्षेत्रों में बिजली और पानी की आपूर्ति ठप है। कुकलाह के बाद सराज के अधिकांश क्षेत्रों में बिजली नहीं है और संचार नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 6000 करोड़ रुपये की सहायता दी है, जिसे प्राथमिकता के आधार पर खर्च किया जाना चाहिए।

साथ ही टेंट और जरूरी राहत सामग्री लोगों को समय पर उपलब्ध कराई जाए। सरकार को चाहिए कि वो सैटेलाइट फोन जैसे वैकल्पिक संचार साधन मुहैया कराए ताकि संकट की घड़ी में कोई संपर्कविहीन न रहे। सभी रास्ते बंद हैं, ऐसे में राशन पहुंचाना भी एक चुनौती बन गया है। प्रशासन विधायकों से सहयोग ले और राजनीतिक भेदभाव न करे। यह आपदा की कई वजहें मानवजनित हैं, जिन पर वैज्ञानिक अध्ययन और दीर्घकालिक नीति निर्माण की आवश्यकता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular