स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार के निर्देश, आकांक्षात्मक ब्लॉकों में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्यवाही – जिलाधिकारी

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उरई (जालौन)।जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (साशी निकाय) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ एवं शिशु कल्याण कार्यक्रमों तथा विभिन्न पोर्टलों पर डाटा अपडेशन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने आरसीएच एवं एचएमआईएस पोर्टल पर दर्ज सूचनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि पोर्टल पर सभी सूचकांकों को वर्क प्लान के अनुरूप नियमित रूप से अपडेट किया जाए।

उन्होंने बताया कि मातृ पंजीकरण में प्रगति 70 प्रतिशत से बढ़कर 76 प्रतिशत हुई है, वहीं प्रथम तिमाही पंजीकरण 40 प्रतिशत से बढ़कर 42.6 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो एक सकारात्मक संकेत है। जननी सुरक्षा योजना की भौतिक प्रगति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने रामपुरा, कुठौन्द, कदौरा, कोच, कालपी, जालौन एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज जैसे कम प्रगति वाले ब्लॉकों को निर्देशित किया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को प्रसव इकाई के रूप में विकसित किया जाए, ताकि जनपदीय औसत लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

उन्होंने आकांक्षात्मक ब्लॉक छिरिया में कमजोर सूचकांकों पर चिंता जताते हुए प्रभारी चिकित्साधिकारियों व नोडल एसीएमओ को निर्देश दिए कि नियमित अनुश्रवण व पर्यवेक्षण करते हुए राज्य औसत से अधिक उपलब्धि सुनिश्चित करें। मंत्रा पोर्टल की समीक्षा में कुठौन्द, तुफैलपुरवा, जिला महिला चिकित्सालय एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज को शत-प्रतिशत डेटा अपडेट करने के निर्देश दिए गए। जिन कर्मचारियों द्वारा फीडिंग में लापरवाही की जा रही है, उनके विरुद्ध एमओआईसी स्तर पर कार्रवाई करने को कहा गया।गर्भवती महिलाओं में एचआरपी (उच्च जोखिम गर्भावस्था) चिन्हांकन कार्य की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने छिरिया, कदौरा, पिण्डारी, कुठौन्द, माधौगढ़ व कालपी ब्लॉकों को सचेत किया।

उन्होंने कहा कि एएनएम का क्षमता संवर्धन किया जाए और पीएमएसएमए दिवस के दौरान 30 से 35 प्रतिशत एचआरपी गर्भवती महिलाओं की पहचान एवं प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए।एफबीएनसी पोर्टल के अंतर्गत एसएनसीयू व एनबीएसयू इकाइयों की समीक्षा में जिलाधिकारी ने सीएचसी जालौन व माधौगढ़ में कम एडमिशन व कम बेड ऑक्यूपेंसी पर असंतोष व्यक्त करते हुए सुधार के निर्देश दिए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनवाड़ी स्क्रीनिंग में कदौरा, कुठौन्द, माधौगढ़ व पिण्डारी ब्लॉकों को सुधार हेतु निर्देशित किया गया।

जिलाधिकारी ने डीपीआरओ व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर भजन मशीनें तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।जिलाधिकारी ने कहा कि तहसील जालौन और रामपुरा आकांक्षात्मक ब्लॉक हैं, इसलिए इन क्षेत्रों में सभी स्वास्थ्य सूचकांकों की प्रगति राज्य औसत से अधिक होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि “स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र देव सिंह, सीएमएस आंनद उपाध्याय, डीपीआरओ राम अयोध्या प्रसाद, आदि सहित सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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