Thursday, January 22, 2026
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इंदौर में दूषित पानी से 23वीं मौत, 65 साल के बुजुर्ग ने अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी है। सोमवार को 65 वर्षीय भगवान भारने की मृत्यु के बाद यह संख्या 23 हो गई। इससे पहले, 59 वर्षीय कमला बाई ने भी दम तोड़ा था। कुल 3300 से अधिक लोग बीमार हुए हैं। हाई कोर्ट में जनहित याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें नगर निगम से शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करने का जवाब मांगा गया है।

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से मौतों का सिलसिला जारी है। इमली गली में रहने वाले भगवान भारने (65 वर्ष) ने सोमवार को शेल्बी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले रविवार को 22वीं मौत सामने आई। एमवाय अस्पताल के आईसीयू में भर्ती भागीरथपुरा निवासी 59 वर्षीय कमला बाई ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

बता दें कि दूषित पेयजल से यहां 3300 से अधिक लोग बीमार हुए हैं। इनमें से कई लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं। मकान मालिक मनोज कुमार के अनुसार, कमला बाई करीब एक माह पहले ही पति तुलसीराम के साथ उनके यहां किराये से कमरा लिया था। दोनों पति-पत्नी मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे थे। छह जनवरी को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। स्वजन ने उन्हें संजीवनी क्लीनिक में दिखाया। प्राथमिक उपचार व दवाइयां देकर वहां से घर भेज दिया गया।

आखिरकार तोड़ दिया दम

स्वास्थ्य विभाग की टीम मोहल्ले में पहुंची और मरीज को ओआरएस व कुछ गोलियां दीं, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ। सात जनवरी को स्वजन एमवाय अस्पताल ले गए, डाक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें आईसीयू में भर्ती किया। तमाम प्रयासों के बावजूद नौ जनवरी की सुबह कमलाबाई ने दम तोड़ दिया।

पोस्टमार्टम के बाद चीजें होंगी और साफ

हालांकि, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मृतका क्रोनिक किडनी डिजीज से पीड़ित थी। उसे डायलिसिस की सलाह दी गई थी, लेकिन नियमित रूप से नहीं कराया गया। चिकित्सकीय रूप से यह मामला दूषित पानी से जुड़े आउटब्रेक से संबंधित नहीं माना जा सकता, फिर भी स्थिति स्पष्ट करने के लिए शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है।

गौरतलब है कि इंदौर का भागीरथपुरा कांड 29 दिसंबर को चर्चा में आया था, जब 100 से अधिक लोग बीमार पड़े थे। इसके बाद ही दूषित जल से लोगों के मरने की जानकारी भी सामने आने लगी थी। मामले में पहली मौत 21 दिसंबर को हुई थी।

इस बीच, मामले से जुड़ी एक जनहित याचिका पर आज हाई कोर्ट में सुनवाई होगी। याचिका में प्रभावित क्षेत्र में शुद्ध पेयजल की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई है। अदालत ने नगर निगम से जवाब तलब किया है, जिससे इस पूरे मामले में प्रशासन की जवाबदेही तय होने की उम्मीद है।

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