Friday, May 1, 2026
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चुनाव में देरी की स्थिति में प्रधानों को ही ‘प्रशासक’ नियुक्त किया जाए : संगठन

बांसी सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के बैनर तले बृहस्पतिवार को मिठवल ब्लॉक परिसर में प्रधानों की एक अहम मासिक बैठक संपन्न हुई। जिलाध्यक्ष डॉ. पवन मिश्र के नेतृत्व और ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश धर दिवेद्दी की अगुवाई में आयोजित इस बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं को लेकर हुंकार भरी।संगठन ने अपनी मांगों के जरिए सरकार का ध्यान ग्राम पंचायतों की व्यावहारिक समस्याओं की ओर खींचा प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। संगठन की मांग है कि चुनाव में देरी की स्थिति में प्रधानों को ही ‘प्रशासक’ नियुक्त किया जाए या कार्यकाल बढ़ाया जाए।पिछले 3 वर्षों से लंबित मनरेगा के पक्के कार्यों (Material Component) के भुगतान को तत्काल जारी करने की मांग की गई है।

प्रधानों ने वर्तमान मानदेय को बढ़ाकर कम से कम ₹15,000 प्रति माह करने और इसे समय से देने की अपील की।चुनावी रंजिश में होने वाली शिकायतों पर बिना प्रारंभिक जांच के खाता सीज करने जैसी कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई। विकास कार्यों के दौरान प्रधानों को प्रशासनिक सुरक्षा देने और वित्त योजना के अंतर्गत रुके हुए भुगतानों को जल्द निपटाने की बात कही गई।”ग्राम प्रधान ग्रामीण विकास की मुख्य कड़ी हैं, लेकिन संसाधनों और सुरक्षा के अभाव में जमीनी स्तर पर कार्य करना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।इस अवसर पर उमेश मिश्र, सुहेल परवेज, राजेन्द्र प्रसाद, अजय कुमार चौधरी, राकेश मिश्रा, धर्मेंद्र निषाद, अशोक कुमार प्रजापति, जितेन्द्र पासवान, विश्वनाथ निषाद,आर्विन्द सिंह सहित भारी संख्या में ग्राम प्रधान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि यदि इन मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो संगठन भविष्य में रणनीति बनाकर आंदोलन को और तेज करेगा।

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