इमामबाड़ा अहबाब नगर में अशरा-ए-चेहल्लुम की मजलिस
लखनऊ। हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) और शोहदाए कर्बला की याद में हरिद्वार के ज्वालापुर स्थित इमामबाड़ा अहबाब नगर अशरा-ए-चेहल्लुम की मजलिसों का आगाज हो गया जो 4 अगस्त तक चलेगा। इन मजलिसों में मशहद (ईरान) से आये मौलाना मोहम्मद असकरी ‘इस्तेक़ामत और कर्बला’ शीर्षक ख़िताब कर रहे हैं। मौलाना ने आज कर्बला के पैग़ाम, इमाम हुसैन (अ.स.) की कुर्बानी, इंसानियत, इंसाफ़, सब्र, वफ़ा और दीन की हिफ़ाज़त जैसे अहम विषयों को बयान किया। मौलाना ने कहा कि आज के दौर में इसे आयतुल्लाह खामेनेई की जिंदगी और शहादत से सीखा जा सकता है।
मौलाना ने जनाबे क़ासिम अलैहिस्सलाम की शहादत के दर्दनाक मंजर को बयान किया तो अजादारों की आंखें अश्क़बार हो गईं। मजलिस के बाद नौहाख़्वानी व सीनाजनी की गईं। कार्यक्रम का आयोजन अंजुमन फ़रोग़-ए-अज़ा, हरिद्वार की ओर से किया गया है। आयोजकों ने तमाम अकीदतमंदों से अपील की है कि वे बड़ी तादाद में मजलिसों में शिरकत करें और इमाम हुसैन (अ.स.) और शोहदाए कर्बला को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश करें तथा उनके पैग़ाम को अपनी ज़िंदगी में अपनाने का अहद करें। अशरा-ए-चेहल्लुम की ये मजलिसें समाज में मोहब्बत, अमन, भाईचारा, इंसाफ़ और इंसानी अख़लाक़ को मज़बूत करने का ज़रिया बनेंगी।





