Friday, April 17, 2026
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ग्रामीणों का कैसे हो इलाज एएनएम सेन्टर बदहाल

लगभग पांच साल पूर्व लाखों रुपए की लागत से बना एएनएम सेंटर देख-रेख के अभाव में जंगली जानवरों का बना है अड्डा।

एक तरफ सरकार जहां जनता के लिए तमाम स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करने का दावा कर रही है और जनता के लिए स्वास्थ्य से संबंधित तमाम योजनाएं भी चलाई जा रही हैं। वहीं स्वास्थ्य संबंधित लाभों से ग्राम सभा गोलपुर के बारशिंदे पूरी तरह से वंचित है। यहां पर बना एएनएम सेंटर बदहाल पड़ा है। जिसके चलते ग्रामीणों को इधर-उधर भटकना पड़ता है।

बताते चलें कि जलालपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा गोलपुर में करीब पांच साल पूर्व लाखों रुपए की लागत से बना एएनएम सेंटर देख-रेख के अभाव में सांप, बिच्छू और तमाम विषैले जंगली जीव-जंतुओं का अड्डा बना हुआ है। एएनएम सेंटर जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो गया है। ग्रामीणों द्वारा उक्त एएनएम सेंटर के बदहाली व एएनएम की नियुक्ति के बारे में अनेकों बार शिकायत की गई, लेकिन संबंधित और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही व उदासीनता के चलते सुनवाई नहीं हुई। पूरा भवन अंदर और बाहर जंगल, झाडिय़ां से घिरा हुआ है। दरवाजे से सारी खिड़कियां गायब हैं।

जिसमें तमाम जंगली जीव-जंतुओं ने अपना बसेरा बना लिया है। यहां आदमी दिन में भी जाने से डरते हैं। जिसके चलते ग्रामीणों को काफी असुविधाओं और समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गांव की तमाम महिलाओं, बच्चों, पुरुषों आदि लोग को छोटी-मोटी समस्याओं के लिए भारी भरकम फीस देकर बाहरी डाक्टरों से स्वास्थ्य सुविधाएं लेने को मजबूर हैं। जिसका फायदा तमाम झोला छाप डॉक्टर उठा रहे हैं। वहीं इलाज के लिए महिलाएं और बच्चे दूर दराज के प्राइवेट नर्सिंग होम और झोलाछाप डॉक्टरों के चक्कर में पडक़र अपनी गाढ़ी कमाई का हिस्सा इन तथा कथित डॉक्टरों को देने पर मजबूर हैं।

एएनएम प्राथमिक विद्यालय में बैठकर निपटाती है काम।

केंद्र पर एएनएम नीलम यादव की तैनाती 3 वर्ष पूर्व में की गई थी। उन्होंने बताया कि भवन चारों तरफ से जंगल झाडिय़ां से घिरा हुआ है और हमेशा जंगली जीव जंतुओं का खतरा रहता है।

इसलिए वह गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय में बैठकर अपना कार्य निपटाती है। सीएचओ राखी सिंह की तैनाती एक साल पूर्व हुई है। अभी तक उनको हेल्थ वैलनेस सेंटर भी नसीब नहीं हो सका है।

जिससे उन्हें गांव में ही किसी के घर पर अथवा प्राथमिक विद्यालय में बैठकर मरीजों को देखना पड़ रहा है। ग्रामीण प्रदीप पांडे, शिवांश पांडे, अवधेश पांडे, मनमोहन मिश्रा, लालमन वर्मा, कपिल देव वर्मा, महेंद्र वर्मा, राम प्यारे आदि लोगों ने बताया कि उक्त ए एन एम सेन्टर की बहाली के लिए ग्रामीणों की तरफ से कई बार , जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी से अविलंब एनएम सेंटर को अस्तित्व में लाने की, लेकिन अभी तक कहीं से कोई सुनवाई नहीं हुई।

*इस संबंध में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अनिल त्रिपाठी ने बताया कि इस संबंध में पत्राचार किया जा चुका है। कहा कि गोलपुर स्थित एएनएम सेंटर हकीकत में बहुत खराब हो गया है। चारों तरफ से जंगल झाड़ियां के होने की वजह से वह केंद्र तक एक बार स्वयं ही नहीं पहुंच पाए थे।

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