वाराणसी। बुधवार शाम अचानक बदले मौसम ने शहर और ग्रामीण इलाकों में भारी असर डाला। शाम करीब छह बजे के बाद तेज धूलभरी आंधी, गरज-चमक और बारिश शुरू हो गई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर पेड़ और बड़े सूचना बोर्ड गिर गए, जबकि बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। अचानक आए मौसम परिवर्तन से लोग जहां-तहां फंस गए और बाजारों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आंधी इतनी तेज थी कि कई इलाकों में लोगों के टीन शेड और छप्पर उड़ गए। शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात भी प्रभावित हुआ। कैंटोनमेंट क्षेत्र में सड़क किनारे लगा एक बड़ा सूचना बोर्ड तेज हवाओं के कारण सड़क पर गिर पड़ा। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। सूचना बोर्ड गिरने के बाद कुछ देर तक यातायात प्रभावित रहा।
मंडुवाडीह क्षेत्र में भी आंधी का असर देखने को मिला। यहां सुनील विश्वकर्मा के घर पर पड़ोसी की बाउंड्रीवाल गिर गई। घटना में कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि प्रशासन की ओर से देर रात तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी।
वहीं कंदवा स्थित प्राचीन कर्दमेश्वर महादेव मंदिर के पास एक विशाल नीम का पेड़ गिर पड़ा। पेड़ गिरने से आसपास के इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली विभाग की टीम देर शाम तक आपूर्ति बहाल करने में जुटी रही। कई मोहल्लों में घंटों अंधेरा छाया रहा, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अचानक बदले मौसम के चलते बाजारों में भीड़भाड़ कम हो गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक तेज हवा और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान पेड़ों, पुराने भवनों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।





