जिले की तीनों तहसीलों में ‘संपूर्ण समाधान दिवस’ आयोजित, कुल 196 में से 10 मामलों का मौके पर फैसला
कुलपहाड़, चरखारी और महोबा तहसील में लगा संपूर्ण समाधान दिवस
महोबा। शासन की मंशा के अनुरूप फरियादियों की समस्याओं के त्वरित और धरातलीय निस्तारण के लिए शनिवार को जिले की तीनों तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। तहसील कुलपहाड़ में खुद जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने आम जनता की फरियादें सुनीं। उन्होंने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निपटारे में रत्ती भर भी लापरवाही न बरतें। शिकायतों का निस्तारण कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखना चाहिए। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कुलपहाड़ तहसील में जिलाधिकारी के साथ मुख्य विकास अधिकारी बलराम कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) सुखबीर सिंह और उपजिलाधिकारी कुलपहाड़ आदेश सिंह सागर ने जनता की समस्याएं सुनीं। यहाँ कुल 120 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 04 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
चरखारी और महोबा में भी सुनी गईं समस्याएं
इसी तरह तहसील चरखारी में अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) सूर्यकान्त त्रिपाठी की अध्यक्षता और एसडीएम अवनीश कुमार तिवारी की उपस्थिति में समाधान दिवस का आयोजन हुआ, जहाँ मिली 46 शिकायतों में से 02 का मौके पर निस्तारण किया गया। वहीं, तहसील महोबा में अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) कुंवर पंकज की अध्यक्षता और एसडीएम शिवध्यान पांडे की मौजूदगी में आई 30 शिकायतों में से 04 का मौके पर निपटारा किया गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिकायत का निस्तारण करने से पहले शिकायतकर्ता से बात करना अनिवार्य है। यदि फरियादी संतुष्ट नहीं है, तो शिकायत को निस्तारित नहीं माना जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय से इन शिकायतों का सीधा फीडबैक लिया जाता है, इसलिए हर छोटी-बड़ी समस्या को गंभीरता से लें। डीएम ने लेखपालों को भी निर्देशित किया कि वे जब भी गांवों में जाएं, तो बकायदा ढिंढोरा (डिग्गी) पिटवाकर ग्रामीणों को सूचित करें ताकि मौके पर ही उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। बड़ी समस्याओं के मामले में तुरंत उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।





