मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर को स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन के लिए बधाई दी और कहा कि शहर ने देश में चौथा स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने 253 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। योगी ने स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिस्पर्धा आयोजित करने और अच्छा प्रदर्शन करने वालों को प्रोत्साहित करने की बात कही।
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में गोरखपुर की लंबी छलांग की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि नगर निगम को टाप टेन में लाने का लक्ष्य दिया गया था, इस बार के स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर निगम ने अपनी श्रेणी में देश में चौथा स्थान हासिल किया है। 3-10 लाख जनसंख्या वाली श्रेणी में 74 से 22 और फिर चौथा स्थान हासिल करना यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।
कहा, यह सब शहर की जनता, महापौर, नगर निगम के सफाई कर्मचारी, सुपरवाइजर, अधिकारी और पार्षदों की वजह से संभव हो सका है। साथ ही यह दिखाता है कि हम भी अपनी श्रेणी में नंबर एक पर आ सकते हैं। अब हमारी अगली प्रतिस्पर्धा देश में टाप-3 में आने की होनी चाहिए। इसके लिए मेरी सबसे जिम्मेदारीपूर्वक कर्तव्य निभाने की अपील है।
सीएम योगी बुधवार को गोरखपुर नगर निगम परिसर में स्वच्छ सर्वेक्षण में गोरखपुर को राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि दिलाने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सफाई मित्रों और पार्षदों के सम्मान और 253 करोड़ रुपये की 177 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में नागरिकों के सकारात्मक रुख और सहयोग की सराहना करने के साथ कहा है कि विकास में लगने वाला पैसा जनता जनार्दन के टैक्स का है। इस पैसे का सही इस्तेमाल सुनिश्चित होना चाहिए। विकास कार्यों में क्वालिटी (गुणवत्ता) से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। विकास के लिए जनता के पैसे का सही उपयोग हो, यह हम सबका लक्ष्य होना चाहिए।
स्वच्छता के लिए आयोजित हो प्रतिस्पर्धा, बेहतर प्रदर्शन पर मिले इंसेटिव
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए क्रमश: वार्ड, जोन, महानगर स्तर पर प्रतियोगिता होनी चाहिए। इसके लिए एक मानक तय होना चाहिए। साल में एक बार मूल्यांकन करने के बाद अच्छा प्रदर्शन करने वाले वार्ड पार्षदों को सम्मानित करने के अलावा विशेष प्रोत्साहन राशि दी जानी चाहिए।
पहले मच्छर, माफिया, अराजकता से थी गोरखपुर की पहचान
सीएम योगी ने लोगों को याद दिलाते हुए कहा कि पहले गोरखपुर की चर्चा, मच्छर, माफिया, गंदगी, अव्यवस्था और अराजकता को लेकर होती थी। एक बारिश में शहर जलमग्न हो जाता था। बुनियादी सुविधाओं के अभाव से त्रस्त पूरा शहर जाम में फंसा रहता था। आज इन सबसे निजात मिल चुकी है। अब एक नए भारत के लिए नए उत्तर प्रदेश में गोरखपुर भी एक नया गोरखपुर बनकर दिखा है। उन्होंने कहा कि जब एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा खड़ी होती है, तब विकास में आगे बढ़ने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
शहर के विकास में नागरिकों का सकारात्मक योगदान
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गोरखपुरवासियों ने विकास के कार्यों में हमेशा सकारात्मक योगदान दिया है। सड़क चौड़ीकरण में अपने घर-दुकान की चिंता न कर, महानगर के लोगों ने गोरखपुर के पहचान के लिए हर संभव सहयोग किया है। चौड़ीकरण से प्रभावित होने के बावजूद किसी ने विरोध नहीं किया। इसी का परिणाम है कि आज गोरखपुर की सड़कें चौड़ी हो गई हैं। गोरखपुर के ड्रेनेज सिस्टम विकसित हो गए हैं।
विकसित भारत के लिए हर क्षेत्र का विकास जरूरी
सीएम योगी ने कहा कि तकनीक की सहायता, टीमवर्क की भावना के साथ नगर निगम गोरखपुर स्वच्छता के लक्ष्य को प्राप्त करते हुए स्वस्थ भारत के माध्यम से विकसित भारत की कल्पना को साकार करने में सहयोग कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत विकसित तभी होगा जब वह स्वच्छता, स्वास्थ्य, विकास, तकनीकी सहित हर क्षेत्र में विकसित हो। समग्र विकास के लक्ष्य को प्राप्त करना ही विकसित होने की दिशा में बढ़ाए गए कदम हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप ही प्रदेश सरकार कार्य कर रही है।
सीएम योगी की कार्यशैली सबके लिए प्रेरक : रविकिशन
समारोह को संबोधित करते हुए सांसद रविकिशन शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली और विकास के प्रति संवेदनशील सोच से सभी जनप्रतिनिधियों को सीख लेनी चाहिए। उनकी कार्यशैली सबके लिए प्रेरक है। पिछले वर्ष निगम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य दिया था। उनकी उम्मीदों पर खरा उतरते हुए नगर निगम ने देश में चौथा स्थान हासिल किया। अब हम सब की जिम्मेदारी न सिर्फ इसे बरकरार रखने की है बल्कि और बेहतर प्रदर्शन करने की है। शहर की जनता शहर को साफ सुथरा रखने में नगर निगम का सहयोग करें।
सीएम योगी के मार्गदर्शन में और उत्कृष्ट करेंगे स्वच्छता रैंकिंग : महापौर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत करते हुए महापौर डा. मंगलेश श्रीवास्तव ने लोकार्पण और शिलान्यास की विकास परियोजनाओं और स्वच्छ सर्वेक्षण में हासिल उपलब्धि की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में गोरखपुर नगर निगम स्वच्छ सर्वेक्षण में अगले वर्ष की रैंकिंग को और उत्कृष्ट करने को संकल्पित हैं। इस अवसर पर गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह ने कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश का अभूतपूर्व विकास हो रहा है।
समारोह में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डा. धर्मेंद्र सिंह, विधायक महेंद्रपाल सिंह, डा. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, पूर्व महापौर डा. सत्या पांडेय, नगर निगम कार्यकारिणी के उप सभापति धर्मदेव चौहान, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, पूर्व महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, उपसभापति धर्मदेव चौहान, माया बाजार वार्ड के पार्षद शमद गुफरान आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
सफाई मित्रों और पार्षदों को मुख्यमंत्री के हाथों मिला सम्मान
नगर निगम परिसर में आयोजित समारोह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाई मित्रों और पार्षदों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सम्मान मिला। सीएम योगी ने नगर निगम के जलकल विभाग के सफाई मित्र बेलास, सोबराती, जग्गू और स्वास्थ्य विभाग की उर्मिला और अन्नू को प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वच्छ वार्ड प्रतियोगिता के तहत राप्ती नगर की पार्षद पूनम सिंह, विकासनगर के अजय ओझा, गोपालपुर की गुंजा, गिरधरगंज के रणंजय सिंह, नेताजी सुभाषचंद्र बोस नगर की आरती सिंह, चंद्रशेखर आजाद नगर के धर्मेंद्र सिंह, सिविल लाइंस प्रथम के अजय राय, शक्तिनगर की आशा, बसंतपुर के विजयेंद्र अग्रहरि, आत्माराम नगर के अभिषेक शर्मा को सम्मानित किया। इस प्रतियोगिता में सांत्वना पुरस्कार स्वरूप चरगांवा की पार्षद सरोज पासवान, सालिकराम की सरिता यादव और विजय चौक के मनु जायसवाल को भी मुख्यमंत्री ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मंच से ही मुख्यमंत्री ने सफाई मित्र कल्याण कोष से समीर पुत्र सुनील को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा।
प्रदेश के पहले अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण
मंचीय समारोह को संबोधित करने से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम में बनाए गए प्रदेश के पहले अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने इस सेल का निरीक्षण कर इसके कार्य करने के तरीके के बारे में जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि यह एक तरह से अर्बन फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम है।
इसके तहत शहर के सभी पम्पिंग स्टेशनों के पूर्ण आटोमेशन किया गया है। प्राइमरी और सेकेंडरी नालों पर कुल 110 आटोमेटिक वाटर लेवल रिकार्डर लगाए गए हैं। जब नालों का जल स्तर 80 प्रतिशत से अधिक हो जाता है तो संबंधित अधिकारियों को ऑटोमेटेड अलर्ट भेजी जाती है।
ईंधन की कमी और पंप रखरखाव चेतावनियां भी अधिकारियों को समय रहते भेजी जाती है। मुख्यमंत्री ने इस सिस्टम पर काफी प्रसन्नता व्यक्त की। नगर निगम भवन में सीएम योगी ने महापौर और के साथ अनौपचारिक संवाद करने के साथ ग्रुप फोटो भी खिंचवाई।
मुख्यमंत्री ने 13 आधुनिक स्वच्छता वाहनों को दिखाई हरी झंडी
गोरखपुर नगर निगम क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण और स्वच्छता कार्यों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने करीब 1.14 करोड़ लागत के 13 स्वच्छता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों में से कुछ इंडियन आयल कारपोरेशन के सीएसआर मद से मिले तो शेष की नगर निगम निधि से खरीद की गई।
यह पहल शहर की सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और कुशल बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। इनमें सात सीएनजी डोर-टू-डोर मैजिक वाहन, दो सिल्ट मैजिक वाहन, तीन ढाला मैजिक वाहन और एक ट्रैक्टर मय टैंकर शामिल है।
इन परियोजनाओं का सीएम योगी ने किया लोकार्पण
- राज्य वित्त से 2.55 करोड़ से अमवा में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर
- राज्य स्मार्ट सिटी योजना में निगम परिसर में 2.05 करोड़ रुपये से बनाई गई डिजिटल लाइब्रेरी
- पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर विकास योजना में 35.42 करोड़ रुपये से रामगढ़ ताल सौंदर्यीकरण परियोजना फेज 2 के तहत 1700 मीटर लंबाई में विकसित ताल फ्रंट/नया सवेरा
इन प्रमुख परियोजनाओं का हुआ शिलान्यास
- उपवन योजना के तहत 4.95 करोड़ रुपये की लागत से दो पार्कों का निर्माण
- 15.74 करोड़ रुपये की लागत से नव सृजित वार्डों में सड़क, नाली, नाला का निर्माण
- 3 करोड़ रुपये की लागत से नव सृजित वार्डों में 7 पार्कों का निर्माण
- सुथनी के वेस्ट प्रोसेसिंग सिटी परिसर में 4.85 करोड़ रुपये से एडमिन ब्लाक का निर्माण
- सुथनी के वेस्ट प्रोसेसिंग सिटी परिसर में 12.09 करोड़ रुपये से आंतरिक सड़कें, नाला-सीवर का कार्य
- राज्य स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 21.20 करोड़ रुपये से जोनल कार्यालय ट्रांसपोर्टनगर और रानीडीहा का निर्माण कार्य
- 26.80 करोड़ रुपये से नेहरु पार्क (लालडिग्गी) का सौंदर्यीकरण कार्य
- मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत 24.40 करोड़ रुपये से वर्किंग वुमेन हॉस्टल और को वर्किंग स्पेस का निर्माण
- 12.148 करोड़ रुपये की लागत से नकहा ओवरब्रिज मुख्य मार्ग से रामजानकी नगर चौराहा होते हुए हड़हवा फाटक रोड तक मार्ग चौड़ीकरण एवं सृदृढीकरण का कार्य
- मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित मलिन बस्ती विकास योजना के तहत 60.52 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली निर्माण