एम्स के कैंसर विशेषज्ञों ने सिफारिश की है कि शराब की बोतलों पर भी तंबाकू की तरह कैंसर की चेतावनी लिखी होनी चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि शराब के सेवन से कई तरह के कैंसर का खतरा होता है और देश में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अमेरिका के सर्जन जनरल ने भी इस बारे में चेतावनी जारी की है।
तंबाकू व सिगरेट के पैकेट की तरह शराब के बोतल पर भी यह लिखा होना चाहिए कि शराब के सेवन से कैंसर होने का खतरा है। एम्स के कैंसर विशेषज्ञों द्वारा एक मेडिकल जर्नल फ्रंटियर्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। इस रिपोर्ट में एम्स के डॉक्टरों ने शराब के बोतल पर कैंसर होने से संबंधित चेतावनी संदेश दर्ज किए जाने की सिफारिश के पीछे ठोस तर्क भी दिए हैं।
एम्स के रेडियोथेरेपी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अभिषेक शंकर ने कहा कि देश में कैंसर के मामले बढ़े हैं। वर्ष 2012 से वर्ष 2022 की अवधि में कैंसर के मामले करीब 36 प्रतिशत बढ़े हैं। ग्लोबोकान 2022 के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में देश में कैंसर के करीब 14 लाख नए मामले सामने आए। नौ लाख 16 हजार 827 मरीजों की मौतें हुईं।
तंबाकू से 13 तरह के कैंसर होने का खतरा
तंबाकू से ओरल व फेफड़े के कैंसर सहित 13 तरह के कैंसर होते हैं। उसी तरह शराब के सेवन से सात तरह का कैंसर होता है। जिसमें भोजन नली, लिवर, कोलन कैंसर, स्तन कैंसर, ओरल कैंसर व गले का कैंसर शामिल है। हाल ही में अमेरिका के सर्जन जनरल ने शराब के सेवन और कैंसर होने को लेकर एक चेतावनी जारी की है।
उन्होंने कहा कि लिवर व पेट से संबंधित कैंसर बढ़ रहा है। इसलिए शराब के बोतल पर भी कैंसर से संबंधित चेतावनी दर्ज होनी चाहिए। साथ ही कैंसर की स्क्रीनिंग कराने की सलाह भी अंकित होनी चाहिए। यह सलाह तंबाकू के पैकेट पर भी दर्ज होनी चाहिए। वैसे शराब के बोतल पर स्वास्थ्य संबंधित चेतावनी होती है। लेकिन कैंसर होने का खतरा जैसा संदेश दर्ज नहीं होता।