ब्लैक कॉफी पीने से हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, टाइप-2 डायबिटीज और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से मौत का जोखिम कम होता है।
अगर हम आहार में कुछ चीजों को सीमित मात्रा में शामिल कर लें तो इसके कई सारे लाभ मिल सकते हैं। कॉफी इन्हीं विकल्पों में से एक है। इसके कई फायदे हैं। विशेष तौर पर बिना चीनी और दूध वाली ब्लैक कॉफी गंभीर बीमारियों से बचाए रखने में मददगार हो सकती है।
व्यायाम से पहले ब्लैक कॉफी पीने से एड्रेनालाइन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इससे हृदय गति बढ़ती है और शरीर के विभिन्न अंगों तक रक्त का संचार बढ़ता है। इससे व्यायाम के दौरान शरीर बेहतर प्रदर्शन करता है और ऊर्जा के रूप में उपयोग करने के लिए वसा का उपयोग करने का आदेश भी मिलता है।
कॉफी को पाया गया है फायदेमंद
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में पाया गया कि दिन में तीन से चार कप कॉफी पीने वाले लोगों में कई बीमारियों के कारण मौत का खतरा 15% तक कम हो सकता है। नियमित रूप से कॉफी पीने वाले लोगों में हृदय रोग, स्ट्रोक, टाइप-2 डायबिटीज और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से मौत का जोखिम कम पाया गया। कॉफी में कैफीन के अलावा क्लोरोजेनिक एसिड, पॉलीफेनाल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव कम करने में मदद करते हैं।
कॉफी पीने से मानसिक सतर्कता बढ़ती है, थकान कम होती है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बेहतर होती है। अक्सर हम सभी ब्लैक कॉफी को नींद भगाने वाला और शरीर को सक्रिय करने वाली ड्रिंक मानते हैं, लेकिन अध्ययनों से पता चलता है कि सीमित मात्रा में कॉफी लिवर के लिए भी फायदेमंद है।
कई अध्ययनों में पाया गया है कि नियमित और संतुलित मात्रा में कॉफी पीने से फैटी लिवर से लेकर लिवर सिरोसिस जैसे खतरे को भी कम किया जा सकता है। कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और बायोएक्टिव कंपाउंड्स शरीर में सूजन कम करने और कोशिकाओं को सुरक्षा देने में मदद करते हैं।
फैटी लिवर वालों के लिए भी फायदेमंद है कॉफी
अध्ययनों में पाया गया है कि ब्लैक कॉफी फैटी लिवर से न सिर्फ बचाती है, बल्कि इसमें सुधार करने में भी मदद करती है। जान्स हाप्किंस की एक रिपोर्ट में पाया गया है कि नियमित रूप से अगर आप दो-तीन कप कॉफी पीते हैं तो इससे लिवर की बीमारियों का तो खतरा कम होता है।
कॉफी लिवर में वसा जमने को रोकती है और फैटी लिवर की दिक्कत से बचा सकती है। कॉफी लिवर एंजाइम्स को संतुलित रखने में मदद कर सकती है। इसमें मौजूद एंटी आक्सीडेंट्स सूजन कम करते हैं और कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में भूमिका निभाते हैं।
कई और फायदे
नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार कॉफी पीने से मूड अच्छा रहता है और यह अवसाद के जोखिम को कम कर सकती है। कुछ अध्ययनों में पार्किंसंस और अल्जाइमर जैसी समस्याओं के जोखिम में कमी से भी इसके लाभ बताए गए हैं।
ब्लैक कॉफी पाचन तंत्र को सक्रिय करने और कब्ज जैसी समस्याओं में मदद कर सकती है। कॉफी में मौजूद एंटीकाक्सीडेंट्स शरीर में इंफ्लेमेशन को कम करने और कोशिकाओं की सुरक्षा में मदद करते हैं ।
ब्लैक कॉफी में फ्लेवोनोइड्स और एसिटिक एसिड सहित एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक होती है। ये शरीर में असामान्य कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में मदद करते हैं और घातक ट्यूमर को कम कर सकते हैं या कैंसर बनने की क्षमता वाली कोशिकाओं को नष्ट कर सकते हैं।





