Friday, May 1, 2026
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HomeMarqueeडीएम का रारा गौशाला पर आकस्मिक निरीक्षण, अव्यवस्थाओं पर सख्ती

डीएम का रारा गौशाला पर आकस्मिक निरीक्षण, अव्यवस्थाओं पर सख्ती

बीडीओ और सचिव से मांगा स्पष्टीकरण, ग्राम प्रधान को नोटिस के निर्देश

साफ-सफाई, चारा व टीकाकरण व्यवस्था पर जताई नाराजगी

फतेहपुर। जनपद में संचालित गौशालाओं की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने रारा गौशाला का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में साफ-सफाई एवं संचालन व्यवस्था मानकों के अनुरूप न मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि गौवंशों को समय पर भूसा और हरा चारा उपलब्ध कराने में लापरवाही बरती जा रही है। इस पर उन्होंने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही गौशाला संचालन में ग्राम प्रधान के सहयोग न मिलने की बात सामने आने पर ग्राम प्रधान को नोटिस जारी करने को भी कहा।

जिलाधिकारी ने बीडीओ से गौशाला में मौजूद गौवंशों की संख्या की जानकारी ली, जिस पर बताया गया कि यहां कुल 450 गौवंश संरक्षित हैं तथा सफाई कर्मचारी और केयरटेकर सहित 13 कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने हरे चारे और नेपियर घास की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि 14 बीघे में हरे चारे और 2 बीघे में नेपियर घास की बुआई की गई है।

चिकित्सीय व्यवस्था का जायजा लेते हुए जिलाधिकारी ने पशु चिकित्सक को निर्देशित किया कि वह पूरी संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें और समय-समय पर गौवंशों का टीकाकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गौशाला में लगे सीसीटीवी कैमरों के स्थान को लेकर भी जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि उन्हें ऐसी जगह स्थापित किया जाए जहां से पूरे परिसर का कवरेज हो सके और सुरक्षा के लिहाज से कैमरे सुरक्षित भी रहें।

जिलाधिकारी ने पंचायत सचिव से पशुआहार और प्रतिदिन हरे चारे की खपत का विवरण भी लिया और चेतावनी दी कि यदि गलत या अपर्याप्त आहार के कारण किसी गौवंश को समस्या होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित सचिव की होगी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौवंश रजिस्टर, हरा चारा रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर और निरीक्षण रजिस्टर का भी अवलोकन किया तथा उनमें गुणात्मक सुधार लाने के निर्देश दिए। साथ ही गौशाला में अधिक से अधिक वर्मी कम्पोस्ट किट तैयार कर जैविक खाद उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया।

उन्होंने निर्देश दिया कि गौवंशों को श्रेणीवार चिन्हित कर अलग-अलग रखा जाए और उसी अनुसार चारा वितरित किया जाए, ताकि सभी पशुओं को पर्याप्त पोषण मिल सके। साथ ही दान में प्राप्त भूसे को सुरक्षित स्थान पर रखने के भी निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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