HomeUttar PradeshAyodhyaराष्ट्र निर्माण में दिव्यांगजनों की भी अहम भूमिका: महंत गिरीशपति त्रिपाठी

राष्ट्र निर्माण में दिव्यांगजनों की भी अहम भूमिका: महंत गिरीशपति त्रिपाठी

अवधनामा संवाददाता

अयोध्या। विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर मुस्कान पुनर्वास केंद्र कनीगंज अयोध्या में आयोजित समारोह में पधारे मुख्य अतिथि अयोध्या नगर निगम के यसस्वी महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी जी ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में कहा कि दिव्यांगजनों की समाज एवम राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका है। दिव्यांगजन किसी की दया,कृपा,सहानुभूति के मोहताज नहीं। अपने परिश्रम,लगन,दृढ़ संकल्प,एवम सब कुछ कर गुजरने का जज्बा उन्हें सक्षम आधार प्रदान करता है, इस आधार को प्राप्त करने की काबिलियत इन्हे मुस्कान पुनर्वास केंद्र की निर्देशिका डॉ रानी अवस्थी प्रदान करती है। दिव्यांग जन आज प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ रहे है। खेल,शिक्षा,कला,संगीत,चित्र कला आदि में इन्हे महारत हासिल हैं। महापौर ने डॉ रानी अवस्थी जी के कार्यों की सराहना की और कहा कि इनकी कितनी प्रशंसा की जाय कम है। महापौर ने दिव्यांग बच्चो द्वारा प्रस्तुत मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की।
समारोह के विशिष्ट अतिथि सिटी मजिस्ट्रेट अरविंद चतुर्वेदी कहा दिव्यांग बच्चे किसी से कम नहीं, इनके द्वारा प्रस्तुत नृत्य, नाटक,अभिनय देखने से यह प्रतीत नहीं होता कि ये सामान्य बच्चे नही है। श्री चतुर्वेदी ने संस्था की निर्देशिका डॉ रानी अवस्थी एवम प्रबंधक राघवेंद्र अवस्थी की सराहना की विशिष्ट अतिथि किशोर न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश अमित यादव ने दिव्यांग बच्चो की कला,प्रतिभा की भूरि भूरि सराहना की। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चे बोल,सुन नही सकते किंतु इनके सोचने,समझने की छमता में कोई कमी नही। संकेत की भाषा ये बच्चे अच्छी तरह समझते है इन्हें जोदिशा निर्देश प्राप्त होता है उसका वे सम्यक निर्वहन करते है। श्री यादव ने रानी अवस्थी एवम राघवेंद्र अवस्थी इस अवसर पर शिव कुमार मिश्र ने डॉ रानी अवस्थी एवम राघवेंद्र अवस्थी द्वारा दिव्यांग बच्चो के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों एवम दिव्यांग बच्चो द्वारा प्रस्तुत मनोहारी कार्यक्रमों की सराहना की। दिव्यांग बच्चो द्वारा अनेक मनोहारी नृत्य,नाटक प्रस्तुत किया गया जिसे दर्शकों ने सराहा। प्रधानाचार्या श्रीमती संगीता यादव ने समारोह का संचालन किया। सभी अतिथियों ने बच्चों द्वारा हस्त निर्मित कलाकृतियों, सामानों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर,बच्चो की कला की सराहना की।
v

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular