Saturday, May 2, 2026
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HomeMarqueeअवकाश के बावजूद नगरायुक्त सहित सड़कों पर घूमे अधिकारी

अवकाश के बावजूद नगरायुक्त सहित सड़कों पर घूमे अधिकारी

 

अवधनामा संवाददाता

वेंडरों को समझाकर 400 वेंडरों को डिजीटल लेन देन से जोड़ा

सहारनपुर। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में रजिस्टर्ड स्ट्रीट वेंडरों को डिजीटल लेन देन से जोड़ने के लिए क्यू आर कोड उपलब्ध कराने के लिए नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह आज स्वयं कमान संभालकर सड़कों पर उतर आये। अनेक स्थानों पर वह माइक से वेंडरों को उसके लाभ समझाते देखे गए। नगर निगम ने आज इस महाअभियान को सफल बनाने के लिए सौ से ज्यादा लोगों की टीम मैदान में उतरी और वेंडरों को लेन देन के लिए प्रेरित किया। आज 400 से ज्यादा वेंडरों को डिजीटल लेन देन से जोड़ते हुए क्यू आर कोड उपलब्ध कराये।
नगर निगम पीएम स्वनिधि योजना में ऋण के लाभार्थी वेंडरों को डिजीटल लेन देन से जोड़ने के लिए वंेडरों को क्यूआर कोड उपलब्ध कराने और उसके लाभ समझाने के लिए एक महाअभियान चला रहा है। ब्रहस्पतिवार को अंबेडकर जयंती के अवकाश के बावजूद नगर निगम ने सौ से ज्यादा अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम मैदान में उतारी है। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने अनेक स्थानों पर स्वयं पीएम स्वनिधि योजना व डिजीटल लेन देन के लाभ वेंडरों को समझाए। इनके अलावा अपर नगरायुक्त राजेश यादव, सहायक नगरायुक्त अशोक प्रिय गौतम, नगर स्वास्थय अधिकारी डॉ.कुनाल जैन, प्रवर्तन दल प्रभारी कर्नल बी एस नेगी, योजना के समन्वयक संजीव कुमार, डूडा के संतोष कुमार के नेतृत्व में टीमों ने महानगर में वेंडरों को डिजीटल लेन देन के प्रति प्रेरित किया। डूडा, पेटीएम, फोन-पे, पीएम मित्र व नगर निगम कर्मचारी इन टीमों में शामिल रहे। आज 400 से ज्यादा वेंडरों को डिजीटल लेन देन से जोड़ते हुए क्यू आर कोड उपलब्ध कराये गए।
नगर निगम की टीमों ने स्ट्रीट वेंडरों को पीएम स्वनिधि योजना में लिए गए लोन की राशि, उस पर ब्याज, सरकार से मिलने वाली सब्सिडी, डिजीटल लेन देन पर कैश बैक तथा केंद्र सरकार की अन्य आठ योजनाओं के लाभ आदि के विषय में विस्तार से समझाया। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने योजना और उसके लाभ के सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया कि जिन वेंडरों ने दस हजार रुपये का ऋण लिया है। उन्हें ब्याज सहित 11,349 रुपये लौटाने है। उन्होंने बताया कि वेंडर को लिए गए ऋण पर कुल 402 रुपये की सब्सिडी और साल में 1200 रुपये का कैश बैक मिलता है। 11,349 में से कुल लाभ की रकम 1602 रुपये घटाकर वेंडर को 9749 रुपये ही लौटाने होते है। जो लिए गए लोन की राशि से कम है।

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