Homekhushinagarप्राचीन कलाओं को सुरक्षित रखने के लिए दंगल जरूरी- आर.पी.एन. सिंह

प्राचीन कलाओं को सुरक्षित रखने के लिए दंगल जरूरी- आर.पी.एन. सिंह

अवधनामा संवाददाता

खड्डा, कुशीनगर। प्राचीन कला कुश्ती को बचाए रखने के लिए दंगल का आयोजन बेहद जरूरी है। ऐसे आयोजनों से पहलवानों को अपनी कला का प्रदर्शन करने का मौका मिलता है। जिसको हम और आप सभी देखते है।

यह बातें मंगलवार को कुँवर आर पी एन सिंह पूर्व केन्द्रीय गृह मंत्री भारत सरकार ने ब्लाक नेबुआ नौरंगिया के ग्राम सभा सेखुई खास नहर चौराहा स्टिडियम में धनुष यज्ञ मेला एंव विराट दंगल के अवसर उपस्थित होकर दंगल का शुभारंभ करते हुए कही। पहलवानों और आयोजकों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि कुश्ती कला को संजोकर रखने की आवश्यकता है, इससे शारीरिक व मानसिक दोनों विकास होते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की कलाओं से कम पढ़े लिखे लोग भी देश व विदेशों में अपना परचम लहराते हैं। उसके बाद उन्होंने शिवानंद गोरखपुर और लालू पडरौना का हाथ मिलाकर कुश्ती की औपचारिकता पूरी की जो बराबरी की रही। उसके बाद मंजेश पडरौना और शिवानंद गोरखपुर, अलीहुसैन देवतहा गाया जौनपुर, सिंटू पडरौना हरिओम आगरा, अखिलेश पडरौना और संदीप चौपारण बिहार के बीच रोमांटिक कुश्ती दर्शक देखते रहे। इस मौके ओर कुल 36 जोड़ी कुश्ती का दर्शको आनन्द लिया।

मेला प्रबन्धक राजकुमार सिंह, मेला अध्यक्ष राजेन्द्र पाल, सोनू सिंह, नागेन्द्र मिश्रा, संदीप कुशवाहा, व्यास वर्मा, दिवाकर, नवलकिशोर पाल, शैलेश वर्मा, सुनील सिंह, प्रमोद कुशवाहा, लल्लन जायसवाल, रामबृक्ष यादव, दुर्गेश पाल, दंगल संचालक युवा नेता पन्नेलाल सहित समित के सभी पदाधिकारी एंव दर्शक मौजूद थे।

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