बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच कांग्रेस ने टीएमसी और भाजपा के खिलाफ ‘जनता का आरोप पत्र’ जारी किया। इसमें दोनों दलों पर संविधान के उल्लंघन, भ्रष्टाचार और नागरिकों को गरिमामय जीवन देने में विफल रहने का आरोप लगाया गया है।
बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस ने सत्तारूढ़ टीएमसी और मुख्य विपक्षी भाजपा दोनों के खिलाफ गुरुवार को यहां ‘पीपुल्स चार्जशीट’ (जनता का आरोप पत्र) जारी किया।
कांग्रेस का आरोप है कि दोनों दलों ने केंद्र व राज्य में अपने कार्यकाल में संविधान की मूल भावना और एक दर्जन से ज्यादा अनुच्छेदों का खुला उल्लंघन किया है। कांग्रेस ने अपनी चार्जशीट में कहा कि टीएमसी ने मां-माटी-मानुष और बंगाल की संस्कृति के नाम पर भावनात्मक राजनीति की, वहीं भाजपा ने सोनार बांग्ला का सपना दिखाया।
लेकिन जमीन पर दोनों दल अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों को गरिमामय जीवन देने में पूरी तरह विफल रहे। पार्टी ने राज्य व केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया है। इस दस्तावेज में आरोप लगाया गया है कि बंगाल को राज्य स्तर पर कुशासन और राष्ट्रीय स्तर पर उपेक्षा का सामना करना पड़ा है।
कांग्रेस ने कहा कि टीएमसी के 15 वर्षों के शासनकाल में राज्य में सिंडिकेट राज का उदय हुआ है। बड़े पैमाने पर वित्तीय घोटाले, सरकारी भर्तियों में अनियमितताएं, महिलाओं के खिलाफ हिंसा और सांप्रदायिक अशांति फैली है। इसमें सारधा और रोज वैली चिट फंड मामलों से लेकर शिक्षक भर्ती और राशन वितरण घोटाले जैसे मामलों का जिक्र किया गया है।
कांग्रेस ने क्या कहा?
जनता का आरोप-पत्र जारी करते समय राज्य कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि बंगाल की जनता जवाबदेही की हकदार है। न केवल उन दोनों पार्टियों ने दोषारोपण की राजनीति की, बल्कि राज्य को निराश किया है।
कांग्रेस ने केंद्र में सत्ताधारी भाजपा की भी आलोचना की। उस पर व्यवस्थित रूप से बंगाल विरोधी भावना को बढ़ावा देने, कल्याणकारी योजनाओं के लिए तय केंद्रीय फंड को रोकने और बंगाल की भाषाई व सांस्कृतिक विरासत को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य में राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सबसे पहले भाजपा ने जारी की थी चार्जशीट
बताते चलें कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सबसे पहले भाजपा की तरफ से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीते 28 मार्च को कोलकाता में ममता सरकार के 15 वर्षों के शासनकाल की कथित विफलताओं के खिलाफ चार्जशीट जारी की थी।
इसके जवाब में तृणमूल ने भी उसी दिन भाजपा व केंद्र की विफलताओं के खिलाफ चार्जशीट जारी की थी। इसकी देखादेखी अब कांग्रेस ने भी यह कदम उठाया है। दिलचस्प है कि कांग्रेस का चुनावी घोषणापत्र पहले ही जारी हो चुका है और चार्जशीट अब जारी की गई है।





