आपात परिस्थितियों में मरीजों को निर्बाध एवं सुरक्षित ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की तैयारियों की जांच
सिद्धार्थनगर। कोविड जैसी संभावित आपात परिस्थितियों में मरीजों को निर्बाध एवं सुरक्षित ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की तैयारियों के तहत गुरुवार को माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में स्थापित मेडिकल ऑक्सीजन प्लांटों की व्यापक मॉक ड्रिल एवं तकनीकी निरीक्षण किया गया। इस अभ्यास में सभी ऑक्सीजन प्लांटों की कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित पाए गए।
मॉक ड्रिल में नोडल अधिकारी (ऑक्सीजन प्लांट) एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संजय, एपिडेमियोलॉजिस्ट समीर सिंह, नर्सिंग इंचार्ज श्रीश श्रीवास्तव, आदर्श श्रीवास्तव, ऑक्सीजन प्लांट ऑपरेटर अवनीश कुमार, मल्टीपर्पज कर्मचारी बालकृष्ण तथा साइरिक्स हेल्थ केयर के जूनियर इंजीनियर अनूप मिश्रा सहित अन्य संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे। मॉक ड्रिल के दौरान महाविद्यालय परिसर में स्थापित 570 लीटर क्षमता का एक, 260 लीटर क्षमता के दो तथा 100 लीटर क्षमता का एक ऑक्सीजन प्लांट पूर्ण क्षमता के साथ संचालित कर उनकी ऑक्सीजन शुद्धता (प्योरिटी), प्रेशर तथा अन्य तकनीकी मानकों की जांच की गई।
निरीक्षण में सभी प्लांट संतोषजनक स्थिति में मिले और निर्बाध रूप से कार्य करते पाए गए। इस दौरान ऑक्सीजन प्लांटों के संचालन, नियमित रखरखाव तथा आपातकालीन परिस्थितियों में ऑक्सीजन आपूर्ति को बाधित न होने देने के लिए अपनाई जाने वाली व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। संबंधित कर्मचारियों को संचालन एवं रखरखाव से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। नोडल अधिकारी ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांटों की नियमित मॉक ड्रिल और निरीक्षण से उनकी कार्यक्षमता का समय-समय पर आकलन किया जाता है। इससे किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को समय पर निर्बाध एवं सुरक्षित ऑक्सीजन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जा सकता है।





