वेदांत के बाद अब 12th स्टूडेंट हर्ष और हर्षिता ने भी कॉपी के रीचेकिंग पर सवाल उठाये हैं। हर्षिता के अनुसार उनकी कॉपी बदली गई है जबकि हर्ष ने दावा किया है कि उनकी सप्लीमेंट्री कॉपी का मूल्यांकन नहीं किया गया है।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा इस वर्ष 12th क्लास की कॉपियों की जांच ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) द्वारा करवाई गई जो एक बार फिर से सवालों के घेरे में आ गई है। छात्र वेदांत का मैटर शांत हुआ ही था कि दो और स्टूडेंट्स सामने आये हैं जिन्होंने ओएसएम मार्किंग पर सवाल उठाये हैं।
हर्षिता को बदली कॉपी, 12 नंबर देकर कर दिया फेल
वेदांत के बाद दिल्ली की रहने वाली हर्षिता ने ने दावा किया है कि उन्होंने फिजिक्स की कॉपी के री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया था। इसमें उन्हें जो स्कैन की गई कॉपी उपलब्ध करवाई गई उसमें पहला पेज छोड़कर किसी और छात्र के पन्नों को जोड़ा गया है। उनका कहना है कि उनकी हैंड राइटिंग अंदर के पन्नों से मैच नहीं हो रही है। किसी और छात्र ने ज्यादातर सवालों के जवाब अधूरे छोड़े जिसके चलते उन्हें केवल 12 अंक दिए गए और वे इस विषय में फेल हो गई हैं।
हर्ष की सप्लीमेंट्री कॉपी हो गई गायब
वेदांत और हर्षिता की तरह ही जेईई क्वालीफाई करने वाले स्टूडेंट्स हर्ष ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर जानकारी दी है कि उनकी फिजिक्स के पेपर में उनको केवल 73 अंक प्राप्त हुए हैं, जबकि उनके अनुमान में 85 से अधिक अंक होने चाहिए थे। उन्होंने दावा किया कि मुख्य कॉपी के साथ अटैच सप्लीमेंट्री कॉपी का मूल्यांकन नहीं किया गया है। केवल 32 पेज की मेन कॉपी की जांच की गई जिसके चलते उन्हें भौतिक विज्ञान में कम अंक प्राप्त हुए हैं।
वेदांत केस में सीबीएसई ने मानी गलती, बढ़ गए अंक
कुछ दिन पहले ऐसा ही दावा स्टूडेंट वेदांत ने किया था कि उनकी कॉपी बदल गई है जिसमें उन्हें केवल 64 अंक प्राप्त हुए थे जिसके चलते उनका पर्सेंटेज भी कम हो गया। इस मामले के सामने आने के बाद सीबीएसई ने अपनी गलती मानी और छात्र को मेल के जरिये ओरिजिनल कॉपी उपलब्ध करवाई गई। अब उनके अंक बढ़कर 64 से 74 हो गए हैं।





