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कटान रोधी कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप, विधायक विनय वर्मा ने जिलाधिकारी को लिखा पत्र

शोहरतगढ़ सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने सिंचाई विभाग के ड्रेनेज खंड एवं सरयू नहर खंड के अधिकारियों तथा ठेकेदारों पर मिलीभगत कर कटान रोधी कार्यों में भारी अनियमितता और मानकविहीन निर्माण कराने का गंभीर आरोप लगाया है। विधायक विनय वर्मा ने इस संबंध में जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर को विस्तृत पत्र भेजकर तत्काल जांच एवं स्थलीय निरीक्षण की मांग की है। विधायक विनय वर्मा ने कहा कि शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ एवं कटान प्रभावित इलाकों में उनके प्रस्ताव पर जो कटान रोधी कार्य कराए जा रहे हैं वे पहली बारिश भी नहीं झेल पा रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी अधूरे एवं खराब कार्यों को बेहतर बताकर सोशल मीडिया पर प्रचारित कर रहे हैं जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।विधायक ने बताया कि खैरी शीतल प्रसाद ग्राम पंचायत के टीकर-करौता के बीच घोरही नाले पर बने पुल के पूर्वी छोर की सुरक्षा के लिए ड्रेनेज खंड द्वारा कराया गया बोल्डर पिचिंग कार्य पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने कहा कि यदि बारिश तेज होती तो पूरा कार्य बह सकता था।

इस संबंध में वीडियो एवं फोटो भी जिलाधिकारी को उपलब्ध कराए गए हैं।इसके अलावा बूढ़ी राप्ती नदी के किनारे लखनापार-बैदौला तटबंध के विभिन्न स्थानों भूतहिया, बैजनथा एवं महारथा गांवों के समीप कराए जा रहे कटाव निरोधक कार्यों की गुणवत्ता पर भी विधायक ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि विभागीय अधिकारियों एवं ठेकेदारों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।

विधायक विनय वर्मा ने यह भी कहा कि शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के कई गांव एवं टोले आज भी कटान और बाढ़ के गंभीर खतरे में हैं लेकिन जिला प्रशासन की ओर से उन्हें बचाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने खैरी, इटहिया एवं बालानगर जैसे संवेदनशील इलाकों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से मांग उठाने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।पत्र में विधायक ने मांग की है कि उनके प्रस्ताव पर कराए जा रहे सभी कार्यों का जिलाधिकारी, जनप्रतिनिधियों, मीडिया एवं स्थानीय जनता की मौजूदगी में स्थलीय निरीक्षण कराया जाए तथा निरीक्षण के बिना किसी भी प्रकार का भुगतान न किया जाए।

साथ ही सभी निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्री एवं उसकी मात्रा की जानकारी सार्वजनिक करने तथा सभी कार्यों को 15 जून तक पूर्ण कराने के निर्देश जारी करने की भी मांग की गई है।विधायक ने कहा कि “गलत कार्यों की प्रशंसा और उन्हें प्रमाणपत्र देना भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है। जनता की उपेक्षा एवं सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के विपरीत कोई आचरण न हो।यह सुनिश्चित करना बतौर जनप्रतिनिधि मेरी जिम्मेदारी है।”उन्होंने जिलाधिकारी से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई कर अवगत कराने का अनुरोध किया है।

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