जिले में आज और कल चलेगी भीषण ‘उष्ण लहर’, दोपहर में बाहर निकलने से बचें
खास बातें: दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहर जाने से बचें; ओआरएस, लस्सी और आम पन्ना का करें इस्तेमाल; बुजुर्गों और बच्चों का रखें विशेष ध्यान
महोबा। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व कुंवर पंकज ने मौसम विज्ञान विभाग की जारी एडवाजरी के हवाले से जानकारी देते हुए बताया कि 27 और 28 मई तक जिले में उष्क लहर चलने की संभावना है। उच्च आद्रता और वायु मंडलीय परिस्थितियों के कारण उच्च तापमान लोगो को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है, जिसके कारण शरीर में पानी की कमी से डिहाईड्रेशन या ऐंठन की शिकायत हो सकती है। उष्क लहर से वृद्ध बच्चे, गर्भवती महिलायें, बीमार, मजदूर, गरीब, दुर्बल एवं निराश्रित लोग अधिक प्रभावित होते है, जिसका देखते हुए एडवाइजरी जारी की है उष्क लहर के लक्षण, कारण और सावधानियों से जिले वासियों को रुबरू कराया गया है।
अपर जिलाधिकारी ने हीटवेब के लक्षण बताते हुए कहा कि त्वचा का लाल, गर्म शुष्क होना, गर्मी लगना, लेकिन पसीना न आना, गर्मी के कारण पल्स का तीव्र होना, उथले स्वांस गति का तीव्र होना, पर्याप्त मात्रा में पेशाब न आना, सिर दर्द, मतली, थकान चक्कर और कमजोरी होने के साथ साथ असमान्य व्यवहार करना, भ्रम की स्थिति उपन्न होने का अनुभव करना आदि लक्षण है। लू के स्टोक कारण उच्च तापमान से शरीर के आंतरिक अंगों को विशेष रुप से मस्तिष्क को नुकसान पहुंचता है और हृदय की कार्य क्षमता पर प्रतिकूल असर पड़ता है। बताया कि भीषण गर्मी में दोपहर के समय अधिक श्रम वाली गतिविधियों को न करें। उच्च प्रोटीन वाले भोजन से बचें और बासी भोजन से परहेज करें। दोपहर में जब दिन का तापमान अधिक हो उस दौरान खाना पकाने से बचें और रसोई घर को हवादार बनाये रखने के लिये खिडकी व दरवाजे खुला रखें।
एडवाइजरी में बताया कि तेज धूप में विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 03 बजे के बीच बाहर जाने से बचें। हल्के रंग के ढीले ढाले और सूती कपडे पहनें। धूप में निकलते समय अपना सिर ढक कर रखें, कपडे, टोपी या छाता का उपयोग करें। पर्याप्त और नियमित अन्तराल पर पानी पीते रहें। सफर में अपनें साथ पीने का पानी हमेशा रखें। खुद को हाइड्रेट रखने के लिए ओआरएस घोल नारियल का पानी, लस्सी, चावल का पानी, नीबू का पानी, छांछ, आम का पन्ना आदि घरेलू पेय पदार्थो को इस्तेमाल करें। रेडियो, टीवी और समाचार पत्रों के माध्यम से स्थानीय मौसम एवं तापमान की जानकारी रखें। कमजोरी, चक्कर आने या बीमार महसूस होने पर तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क करें।





