शोहरतगढ़ सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल बॉर्डर पर एक बार फिर संदिग्ध गतिविधियों ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। कपिलवस्तु में 14 लाख भारतीय नकदी के साथ एक युवक की गिरफ्तारी ने यह साफ कर दिया है कि तस्कर अब नए-नए तरीके अपनाकर हवाला कारोबार को बढ़ाने में जुटे हैं।
जमुवार पुल के पास संदिग्ध हालत में पकड़ा गया आरोपी बाइक की डिक्की और सीट के नीचे नोट छिपाकर ले जा रहा था। पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश भी की, लेकिन आखिरकार प्रशासनिक कार्यालय तौलिहवा के पास दबोच लिया गया। बरामद रकम 500-500 के नोटों में 28 गड्डियों के रूप में मिली—जिसका कोई वैध स्रोत सामने नहीं आया है।
सूत्रों के मुताबिक, इतनी बड़ी मात्रा में भारतीय नकदी का मिलना सीधे तौर पर हवाला नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है। सीमावर्ती इलाकों में बिना बैंकिंग चैनल के पैसा भेजने और लेने का यह खेल लंबे समय से चल रहा है, लेकिन अब तस्कर ज्यादा चालाक और तकनीकी तरीके अपना रहे हैं।
तस्करी का बदलता तरीका पहले जहां सोना, कपड़ा या इलेक्ट्रॉनिक्स की तस्करी होती थी, वहीं अब नकदी को छोटे-छोटे हिस्सों में छिपाकर ले जाना नया ट्रेंड बनता जा रहा है। बाइक, निजी वाहन और यहां तक कि आम यात्रियों का इस्तेमाल कर नेटवर्क को फैलाया जा रहा है।
भारत-नेपाल की खुली सीमा का फायदा उठाकर सक्रिय गिरोह लगातार सुरक्षा एजेंसियों को चुनौती दे रहे हैं। बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि क्या सीमा पर निगरानी पर्याप्त है? या फिर चेकिंग सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई है?
पुलिस ने आरोपी को राजस्व अनुसंधान कार्यालय बुटवल भेज दिया है, जहां अब इस पूरे मामले में बड़े हवाला नेटवर्क और संभावित गिरोह की कड़ियां खंगाली जा रही हैं। साफ है सीमा पर तस्करों की चाल तेज हो चुकी है, और अब मुकाबला सिर्फ पकड़ने का नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को तोड़ने का है।





