हरदोई जनपद के बिलग्राम क्षेत्र में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी और नौतपा के प्रकोप के बीच विभिन्न महाविद्यालयों में परीक्षाएं लगातार जारी हैं। तापमान लगातार नए रिकॉर्ड छू रहा है, लेकिन इसके बावजूद परीक्षा केंद्रों पर छात्रों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। हालात ऐसे हैं कि कई परीक्षा केंद्रों के कमरे भट्टी की तरह तप रहे हैं और छात्र-छात्राएं गर्मी से बेहाल होकर किसी तरह परीक्षा देने को मजबूर हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कई परीक्षा केंद्रों पर पंखे सही ढंग से काम नहीं कर रहे हैं, जबकि कूलर जैसी सुविधाएं तो अधिकांश जगहों पर नदारद हैं। बिजली की अनियमित आपूर्ति और बंद कमरों में उमस के कारण विद्यार्थियों को सांस लेने तक में परेशानी हो रही है। कई छात्र परीक्षा के दौरान चक्कर आने, सिर दर्द, उल्टी और घबराहट जैसी समस्याओं से जूझते दिखाई दिए।
अभिभावकों का कहना है कि इतनी भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत को लेकर गंभीर खतरा बना हुआ है, लेकिन शासन और प्रशासन इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं दिख रहा। उनका आरोप है कि अधिकारी केवल कागजों में व्यवस्थाओं के दावे करते हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
कुछ अभिभावकों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अधिकारी और जिम्मेदार लोग एसी कमरों में बैठकर आदेश जारी कर देते हैं, लेकिन तपती गर्मी में परीक्षा दे रहे बच्चों की परेशानियों को महसूस करने वाला कोई नहीं है। उनका कहना है कि अगर समय रहते उचित इंतजाम नहीं किए गए तो किसी बड़े हादसे से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि परीक्षा केंद्रों पर कम से कम ठंडे पानी, पर्याप्त पंखों, कूलर और बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि छात्र सुरक्षित माहौल में परीक्षा दे सकें। वहीं अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि दोपहर के समय होने वाली परीक्षाओं के समय में बदलाव किया जाए या फिर छात्रों को राहत देने के लिए तत्काल प्रभाव से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
भीषण गर्मी के इस दौर में छात्रों की सेहत और सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल अब प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन विद्यार्थियों और अभिभावकों की इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है।





