केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने महाराष्ट्र नगर निकाय और बृहन्मुंबई नगर निगम चुनावों को लेकर असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने कई शहरों में RPI को सीटें नहीं दीं, जिससे कार्यकर्ताओं में गुस्सा है। अठावले ने घोषणा की कि RPI मुंबई में बीजेपी और शिवसेना के साथ गठबंधन तोड़कर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी, जबकि 38 अन्य जगहों पर मिलकर चुनाव लड़ेंगे।
महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव और बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। इस बीच केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के प्रमुख रामदास अठावले ने सीट को लेकर अंसतोष जाहिर किया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें कई शहरों में सीटें नहीं मिली हैं।
रामदास अठावले ने कहा, “हमें नागपुर, अमरावती और औरंगाबाद जैसे कई शहरों में सीटें नहीं दी गईं। नालासोपारा में हमें एक भी सीट नहीं दी गई। RPI को भिवंडी में एक सीट मिली। कल्याण-डोंबिवली में एक भी सीट नहीं दी गई। इसलिए, BJP ने कई जगहों पर RPI को नजरअंदाज करने की कोशिश की है। BJP अपनी पार्टी का विस्तार करना चाहती है, लेकिन उसे हमारी पार्टी के बारे में भी सोचना चाहिए। इसीलिए रिपब्लिकन पार्टी के कार्यकर्ताओं में बहुत गुस्सा है और BJP नेताओं को इस पर ध्यान देना चाहिए। हम 38 जगहों पर मिलजुलकर चुनाव लड़ेंगे और मुंबई में हमने BJP और शिवसेना के साथ गठबंधन तोड़ दिया है। हम मुंबई में अपने दम पर चुनाव लड़ रहे हैं।”
क्या है समीकरण?
इस चुनाव में भाजपा 137 और शिवसेना 90 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। 30 दिसंबर को नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि से एक दिन पहले सोमवार को हुई गहन वार्ता के बाद सीट बंटवारे पर समझौता हुआ। बीएमसी में कुल 227 सीटें हैं। महायुति की एक अन्य घटक अजीत पवार के नेतृत्व वाली राकांपा अलग रहकर चुनाव लड़ रही है। राकांपा ने अब तक बीएमसी चुनाव के लिए 64 उम्मीदवारों की घोषणा की है। मुंबई समेत महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी को होंगे और मतगणना अगले दिन शुरू होगी।
2017 में हुए बीएमसी चुनाव में भाजपा ने शिवसेना के गढ़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए 82 सीटें जीतीं, जो कि अविभाजित शिवसेना से सिर्फ दो सीटें कम थीं।केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की पार्टी आरपीआइ ने भाजपा और शिवसेना से ठंडी प्रतिक्रिया का हवाला देते हुए नवी मुंबई नगर निगम चुनाव अकेले लड़ने की धमकी दी है।





