LT Foods Shares घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि अमेरिका और जापान के बीच चावल के आयात को लेकर काफी तनातनी चल रही है। टैरिफ के कारण जापान ने अमेरिका से चावल का आयात सीमित कर दिया है ऐसे में भारत से बासमती चावल का निर्यात बढ़ सकता है और इसका फायदा भारतीय कंपनी एलटी फूड्स को हो सकता है।
देश के दिग्गज ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने चावल बेचने वाली एक कंपनी के शेयरों पर खरीदी की राय दी है। ब्रोकरेज ने इस स्टॉक को फंडामेंटल पिक के तौर पर चुना है और उसे उम्मीद है कि एलटी फूड्स (LT Foods Share) के शेयरों में तेजी आ सकती है। इसकी खास वजह में अमेरिका और जापान के बीच चावल को लेकर चल रही तनातनी भी हो सकती है।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को लेकर विश्व व्यापार बाधित हुआ है। इस बीच ट्रंप ने एक पोस्ट में दावा किया है कि कई देश अब अमेरिका का चावल खरीदने के लिए तैयार नहीं है। जापान ने भी अमेरिका से चावल आयात करने की मात्रा सीमित कर दी है। इससे वे खुश नहीं हैं। ऐसे में दावत ब्रांड समेत अन्य चावल बेचने वाली कंपनी एलटी फूड्स को फायदा हो सकता है। आइये आपको बताते हैं कैसे…
LT Foods के शेयरों में निवेश का मौका
भारत और जापान दो सबसे बड़े चावल उत्पादक और निर्यातक देश हैं। चूंकि, जापान ने टैरिफ के चलते अमेरिका से चावल का आयात सीमित कर दिया है, ऐसे में भारत से बासमती चावल का निर्यात बढ़ सकता है। इसके चलते एलटी फूड्स के शेयरों में पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन से तेजी देखने को मिल रही है। पिछले 2 हफ्ते में यह शेयर 15 फीसदी तक चढ़ गया है और 498 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।
मोतीलाल ओसवाल ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि एलटी फूड्स को वित्त वर्ष 26 में 100 बिलियन रुपये के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू हासिल करने की उम्मीद है। EBITDA मार्जिन भी ~13% पर टारगेटेड है। वहीं, अधिग्रहण तालमेल के बाद ROE ~20% पर रहने की उम्मीद है।
जापान ने हाल ही में अमेरिकी चावल को काफी मंहगी दर पर आयात किया था। जापान ने अमेरिका से चावल के टैरिफ-मुक्त आयात को प्रति वर्ष 100,000 मीट्रिक टन तक सीमित कर दिया था।
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर को लेकर दी गई जानकारी ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट पर आधारित है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)