संभलःअवधनामा संवाददाता दो लाख के बीमा पर लगाया पचास हजार रुपए का जुर्माना गांव अतरासी निवासी रामगोपाल के भाई महिपाल का एक बचत खाता भारतीय स्टेट बैंक शाखा पावसा में था जिसका संचालन महिपाल द्वारा किया जाता रहा जिस पर उसने अपने जीवन काल में केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में अपना बीमा कराया था उसकी मृत्यु दिनांक 20/1/2023 को हो गई थी उस बीमा में मृतक का भाई रामगोपाल नामित था जिस कारण उसने बीमा धनराशि की मांग बैंक से की और सभी औपचारिकताये पूर्ण की परन्तु SBI लाइफ इंश्योरेंस कम्पनी ने उसकी बीमा धनराशि मृत्यु प्रमाण पत्र को सही न होने की बात कह कर देने से इंकार कर दिया तब उनकी ओर से जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दर्ज किया गया जहां उसकी ओर से पैरवी करते हुए उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञ अधिवक्ता लवमोहन वार्ष्णेय ने आयोग को अवगत कराया कि बीमा पॉलिसी के अंतर्गत देय बीमा धनराशि रुपए दो लाख अदा न करने पड़े इसी कारण झूठे व मनगढ़ंत आरोप बीमा कंपनी द्वारा लगाए जा रहे हैं वादी द्वारा प्रस्तुत मृत्यु प्रमाण पत्र सरकार द्वारा जारी किया गया है जिसको उसकी वेबसाइड पर जा कर देखा जा सकता है और यदि वादी के भाई की मृत्यु नहीं हुई है तो बीमा कम्पनी वादी के भाई को लाकर दे आयोग ने दोनों पक्षों को सुना और अपना निर्णय देते हुए बीमा कंपनी को आदेशित किया कि बिपक्षी संख्या 2 SBI लाइफ इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को आदेशित किया जाता है कि वह परिवादी रामगोपाल को बीमा धनराशि मुबलिग 200000 दो लाख रुपए उस पर परिवाद संस्थान की तिथि से 9% वार्षिक ब्याज सहित अन्दर दो माह में अदा करें। इसके अलावा विपक्षी बीमा कंपनी परिवादी को 50000 पचास हजार रुपए मानसिक कस्ट एवं आर्थिक हानि की मद में तथा ₹5000 बाद व्यय की मद में भी अदा करेगी।





