कोटेदारों के बहानों से राशन कार्ड धारक परेशान
– कभी आधार कार्ड तो कभी अँगूठे का करते हैं बहाना
– तरह-तरह के बहानों से कार्ड धारक आक्रोशित
– गरीबों के हक का राशन ब्लैक करते कोटेदार

कानपुर महानगर। गरीबों को सरकार द्वारा मुहैया कराये जा रहे राशन पर भी भ्रष्टाचार हावी होता नजर आ रहा है। सरकारी राशन की दुकानों में राशन कार्ड धारकों को जो समस्यायें झेलनी पड़ती हैं वह किसी से छिपी नहीं हैं। कार्ड धारकों के सामने इन कोटेदारों की तरफ से तरह-तरह के बहानें बनाये जाते हैं। जिससे कार्ड धारक आक्रोशित नजर आते हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकारी राशन की दुकानों पर कार्ड धारकों को तरह तरह से परेशान किया जाता है। सरकार द्वारा दिया जा रहा गरीबों को राशन आज इन कोटेदारों की वजह से सही और जरूरतमन्द लोगों तक नहीं पहुँच पाता। इन कोटेदारों को तरह-तरह से टहलाया जाता है। कोटेदार राशन वितरण करते समय अपने हक का राशन लेने आये इन कार्ड धारकों से कहते हैं कि आधार कार्ड की काँपी नहीं है। तो कहीं पर अँगूठा मैच नहीं होने का बहाना बनाया जाता है। ऐसे बहानों से टरकाये गये कार्ड धारकों को बिना राशन के वापस लौटा दिया जाता है।
वितरण दिवस पर काफी-काफी दूर से पहुँचे कार्ड धारकों को यहाँ तक कह दिया जाता है कि आपका मशीन पर अँगूठा मैच नहीं हो रहा है। और उनको भी बैरंग लौटा दिया जाता है। कोटेदारों द्वारा किये गये ऐसे बेतुके बहानों से कार्ड धारक बड़बड़ाते हुये घर को लौटने पर मजबूर होते हैं। जानकार बताते हैं कि बहाने बना बनाकर बचाये गये इस गरीबों के राशन को भ्रष्टाचारी कोटेदार ब्लैक करते हैं। कई कोटेदार तो इन बहानों से दूर रहते हैं लेकिन एक मुश्त मोटा राशन ब्लैक करके अपनी जेब गरम करते हैं। दर दर भटक रहे कार्ड धारकों की शिकायत पर समय समय में की गई जिम्मदारों की चेकिंग में ऐसे कई कोटेदार दोषी साबित हुये हैं। लेकिन सूत्र बताते हैं कि कोटेदारों द्वारा ब्लैक किये गये गरीबों के राशन से आने वाली अवैध कमाई नीचे से ऊपर तक पहुंचाई जाती है तभी तो कुछ समय बाद ये कोटेदार बहाल होकर अपने आपको तुर्रमशाह समझते हैं। कुछ कार्ड धारक आरोप लगाते हैं कि उनके राशन कार्ड पर अंकित यूनिट के हिसाब से कोटेदार पूरा राशन नहीं देते हैं। कभी चावल तो कभी गेंहूँ की मात्रा कम कर दी जाती है। इसका विरोध करने पर दबंग कोटेदार लड़ने पर उतारू हो जाते हैं। मजबूरी में गरीब आधा अधूरा राशन लेकर घर रवाना होता है। नया पुरवा कच्ची बस्ती वार्ड 14, शास्त्रीनगर, नवाबगंज, चकेरी, बर्रा, गुजैनी, दबौली, किदवईनगर, बाबूपुरवा, लालबंगला सहित कई इलाकों में कोटेदारों से परेशान कार्ड धारक अपना दुखड़ा रोने जिलापूर्ति अधिकारी के पास आते हैं। कोटेदारों द्वारा तरह तरह के बहानों से परेशान आक्रोशित कार्ड धारक कभी कभी विरोध प्रदर्शन भी करते नजर आये लेकिन उनकी इस गम्भीर समस्या का संम्पूर्ण समाधान नहीं हुआ।
सर्वोत्तम तिवारी की रिपोर्ट





