भव्या ट्रेडर्स समेत 30 वेंडरों पर प्रशासन का शिकंजा, 543 उपभोक्ता योजना के लाभ से वंचित
शाहजहांपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में शाहजहांपुर जनपद से अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। योजना से जुड़े करीब 30 अधिकृत वेंडरों पर उपभोक्ताओं के नाम से बैंक ऋण की धनराशि प्राप्त करने के बाद भी निर्धारित समय में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित नहीं करने अथवा स्थापना के बाद विभागीय पोर्टल पर डाटा अपलोड न करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए यूपी नेडा के जिला परियोजना अधिकारी ने संबंधित वेंडरों को तीन दिन के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। समय सीमा का पालन न होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, जनपद में कई वेंडरों ने दो माह से अधिक समय पहले उपभोक्ताओं के नाम पर बैंक से करीब 1.30 लाख रुपये प्रति उपभोक्ता का ऋण प्राप्त कर लिया, लेकिन कई मामलों में अब तक सौर ऊर्जा संयंत्र नहीं लगाए गए हैं। वहीं कुछ मामलों में संयंत्र स्थापित होने के बावजूद विभागीय पोर्टल पर इंस्टॉलेशन का डाटा अपलोड नहीं किया गया है। इसके चलते लाभार्थी योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं, जबकि बैंक ऋण की किस्त एवं ब्याज का भुगतान कर रहे हैं। और उन्हें अनुदान का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विभागीय अभिलेखों के अनुसार भव्या ट्रेडर्स के सबसे अधिक 50, प्रियांश इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के 45, सोलर हब, शाहजहांपुर के 32, किरण एंटरप्राइजेज के 32 तथा श्री सन एंटरप्राइजेज के 30 इंस्टॉलेशन लंबित बताए गए हैं। कुल मिलाकर लगभग 30 वेंडरों से संबंधित 543 उपभोक्ताओं के मामले लंबित हैं। बताया जाता है कि यूपी नेडा के जिला परियोजना अधिकारी द्वारा पूर्व में भी कई बार पत्र जारी कर संबंधित वेंडरों को लंबित कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। निर्देशों की अनदेखी के बाद अंतिम पत्र जारी कर तीन दिवस के भीतर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने अथवा विभागीय पोर्टल पर आवश्यक डाटा अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में अनुपालन न होने पर संबंधित वेंडरों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में निदेशक यूपी नेडा, लखनऊ तथा मुख्य विकास अधिकारी, शाहजहांपुर को भी पत्र भेजकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया गया है। वहीं जनपद के एक दर्जन से अधिक वेंडरों द्वारा संतोषजनक कार्य किए जाने पर विभाग उनकी सराहना भी कर रहा है।
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित वेंडरों का पक्ष सामने नहीं आ सका। कई वेंडरों से संपर्क किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका या वह कुछ बताने को तैयार नहीं हुए वहीं यूपी नेडा के जिला परियोजना अधिकारी से दूरभाष पर संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में अब निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं कि दोषी पाए जाने वाले वेंडरों के विरुद्ध क्या कदम उठाए जाते हैं।





