एनटीए ने Build New NTA मिशन के तहत परीक्षा विशेषज्ञों की भर्ती कर रहा है। इसके साथ ही यंग प्रोफेशनल पदों पर भी भर्ती का एलान किया गया है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) देश के प्रमुख कॉम्पिटिटिव एंट्रेंस एग्जाम JEE और NEET का आयोजन करवाती है। पेपर लीक के बाद एनटीए ने बदलाव शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में एनटीए सबसे बड़े संस्थागत सुधार के तहत चार सीनियर लीडरशिप पदों के लिए उम्मीदवारों की तलाश कर रही है।
“Build New NTA” का यह कदम, बड़े पैमाने पर पेपर लीक के विरोध के बाद परीक्षा में सुधार के लिए NTA को नया रूप देने पर सरकार को सलाह देने के लिए डोमेन एक्सपर्ट्स के एक ग्रुप के गठन के बाद उठाया गया है।
एनटीए ने किया LinkedIn Post
NTA ने लिंक्डइन पोस्ट में कहा, “प्रोफेसर के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली हाई-लेवल कमेटी ऑफ़ एक्सपर्ट्स (HLCE) की सिफारिशों के बाद, NTA अपने इतिहास में सबसे व्यापक संस्थागत सुधार से गुजर रहा है। एकेडमिक कठोरता, टेक्नोलॉजी, सुरक्षा, ऑपरेशन्स और गवर्नेंस के मामले में, हम एजेंसी को फिर से तैयार कर रहे हैं ताकि करोड़ों स्टूडेंट्स/ उम्मीदवारों को वह विश्वसनीयता मिल सके जिसके वे हकदार हैं।”
इन चार पदों पर निकाली गई भर्ती
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से चार पदों- असेसमेंट (R&D और साइकोमेट्रिक), टेस्ट सेंटर नेटवर्क और ऑपरेशन्स, इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी (चीफ इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर), और विजिलेंस, इन्वेस्टिगेशन और फोरेंसिक्स के लिए जनरल मैनेजर के पदों पर भर्ती निकाली गई है।
यंग प्रोफेशनल पदों पर भी निकली भर्ती
इन चार पदों के अलावा एनटीए ने उन युवा प्रोफेशनल्स को भी आमंत्रित किया है जिन्होंने सिविल सेवा परीक्षाएं दी हैं। ये भर्तियां एकेडमिक रिसर्च में 12 पदों, लीगल रिसर्च में दो पदों और फाइनेंस और अकाउंट्स रिसर्च में दो पदों के लिए हैं।
क्यों हो रहीं भर्ती
इन भर्तियों के जरिये होने वाली नियुक्तियों से देश भर में कॉम्पिटिटिव एग्जाम (खासकर मेडिकल और इंजीनियरिंग कोर्स के लिए) आयोजित करने के तरीके में बड़े स्ट्रक्चरल सुधार लाने की सरकार की कोशिश का हिस्सा हैं।
प्रधानमंत्री ने हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाने का किया था एलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाने का एलान किया, जिसके प्रमुख इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि होंगे। यह टास्क फोर्स भारत की परीक्षा प्रणालियों को बेहतर बनाने के तरीकों पर काम करेगी। भारत के कुछ बेहतरीन विशेषज्ञों वाली इस टीम को आने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।





