लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश में आयुर्वेद (BAMS) इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज कर दिया है। छात्रों का कहना है कि अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और चिकित्सा सेवाओं में जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उन्हें महज ₹7,500 प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है। वे इसे बढ़ाकर ₹25,000 प्रतिमाह करने की मांग कर रहे हैं।
पोस्टरों में दिखा Gen-Z अंदाज
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने हाथों में अलग-अलग संदेश लिखे पोस्टर लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। पोस्टरों में सवाल उठाया गया कि जब काम और जिम्मेदारी में मेहनत बराबर है तो स्टाइपेंड में इतना अंतर क्यों है। छात्रों ने सोशल मीडिया के दौर के अनुरूप छोटे, सीधे और आकर्षक नारों के जरिए अपनी बात रखने की कोशिश की।
15 साल से बढ़ोतरी नहीं होने का आरोप
वाराणसी के राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों का आरोप है कि लंबे समय से स्टाइपेंड में बढ़ोतरी नहीं हुई है। छात्रों ने एमबीबीएस इंटर्न के साथ स्टाइपेंड में समानता की मांग उठाई है।
डिप्टी सीएम के आवास तक पहुंचा मामला
स्टाइपेंड का मुद्दा लखनऊ तक भी पहुंच चुका है। आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास के बाहर प्रदर्शन कर स्टाइपेंड को ₹25 हजार करने की मांग रखी। रिपोर्ट के मुताबिक छात्रों ने दूसरे मेडिकल स्ट्रीम के इंटर्न के बराबर स्टाइपेंड देने की मांग की है।
छात्रों का कहना है कि वर्षों की पढ़ाई और इंटर्नशिप के दौरान अस्पतालों में दी जा रही सेवाओं को देखते हुए स्टाइपेंड की समीक्षा जरूरी है। अब उनकी नजर सरकार की ओर से लिए जाने वाले फैसले पर है।





