महाराष्ट्र के पुणे और बीड के छात्र ने परीक्षा को लेकर छात्रों ने गड़बड़ी के आरोप लगाए थे लेकिन एनटीए द्वारा कुछ ही घंटों में इसकी जांच पूरी कर ली गई।
नीट यूजी री-एग्जाम का रिजल्ट जारी हो चुका है। पिछली बार की तरह ही इस बार भी परीक्षा को लेकर छात्रों ने गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं लेकिन इस बार सतर्क NTA ने कुछ ही घंटों में जांच को पूरा कर लिया। शनिवार को छात्रों ने अपने एंट्रेंस एग्जाम के नतीजों में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे, लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की जांच में यह बात सामने आई है कि 21 जून को हुए NEET री-टेस्ट की OMR शीट के साथ छेड़छाड़ की गई थी।
NTA अधिकारियों ने बताया कि एक मामले में OMR शीट “पूरी तरह से AI-जनरेटेड” थी, जबकि दूसरे मामले में डॉक्युमेंट के साथ छेड़छाड़ की गई थी। यह विवाद तब शुरू हुआ जब पुणे के एक छात्र ने आरोप लगाया कि उसे दो अलग-अलग OMR शीट मिली थीं। एक 13 जुलाई की रात NTA की वेबसाइट से डाउनलोड की गई थी और दूसरी उसे 15 जुलाई को ईमेल की गई थी। हालांकि दोनों पर उसका नाम था, लेकिन उनमें अलग-अलग जवाब थे।
छात्र के अविभावक ने गड़बड़ी का लगाया था आरोप
स्टूडेंट के पिता के अनुसार “जब हमने 13 जुलाई को मेरे बेटे द्वारा डाउनलोड की गई OMR शीट का मिलान ऑफिशियल आंसर की से किया, तो उसका स्कोर 720 में से 707 निकला। लेकिन जब नतीजे घोषित हुए, तो दूसरी OMR शीट के आधार पर उसे सिर्फ़ 217 अंक मिले।”
इसी प्रकार महाराष्ट्र के बीड के एक छात्र ने दावा किया कि भले ही उसकी OMR शीट NTA द्वारा अपलोड की गई शीट से मेल खाती थी, फिर भी उसे सिर्फ 95 अंक मिले। उसने आरोप लगाया कि फाइनल आंसर की के आधार पर उसका असल स्कोर 522 होना चाहिए था।
पुणे के छात्र द्वारा दिए गए दस्तावेजों की जांच के बाद, NTA अधिकारियों ने कहा कि जिस OMR शीट की बात हो रही है, वह AI से बनाई गई थी। बीड के छात्र के मामले में, अधिकारियों ने निष्कर्ष निकाला कि शीट के साथ छेड़छाड़ की गई थी।
NTA ने कानूनी कार्रवाई की दी चेतावनी
एनटीए की ओर से X पर पोस्ट कर बताया गया कि, “NTA सभी शिकायतों पर बारीकी से नजर रख रही है और उनकी जांच कर रही है। जांच के लिए जमा की गई कई OMR शीट के नकली/ AI से बनी होने की बात सामने आने के बाद, छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे जांच के लिए केवल असली OMR ही जमा करें। किसी भी नकली/ AI से बनी OMR के मामले में शिकायत करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।”
जांच के बाद NTA ने चेतावनी दी कि जो छात्र या उनके माता पिता परीक्षा को लेकर झूठे आरोप लगाते हुए या परीक्षा प्रक्रिया को बदनाम करने के लिए हेरफेर किए गए दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





