तमिलनाडु। तमिलनाडु में पूर्व डीएमके मंत्री के.एन. नेहरू से जुड़े कई परिसरों पर शनिवार, 5 सितंबर 2026 को डायरेक्टरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन (DVAC) ने छापेमारी की। कार्रवाई कथित तौर पर नगर प्रशासन एवं जलापूर्ति विभाग (MAWS) से जुड़े ठेका मामलों और कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में की गई।
कई ठिकानों पर जांच
DVAC की टीमें नेहरू से जुड़े कई स्थानों पर पहुंचीं। तिरुचिरापल्ली स्थित उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में डीएमके समर्थक जुटे। पूर्व मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी समेत कई पार्टी नेता भी मौके पर पहुंचे।
स्टालिन ने सरकार पर क्यों साधा निशाना?
डीएमके अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने छापेमारी को राजनीतिक कार्रवाई बताया। उनका कहना है कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है और विधानसभा सत्र के दौरान इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य राजनीतिक दबाव बनाना तथा जनता का ध्यान दूसरे मुद्दों से भटकाना है। स्टालिन ने कहा कि डीएमके कानूनी रास्ते से इस कार्रवाई का मुकाबला करेगी।
मामला क्या है?
नेहरू के मंत्री रहते MAWS विभाग में कथित भर्ती और ठेका अनियमितताओं को लेकर जांच चल रही है। इस मामले में DVAC ने पहले FIR दर्ज की थी। मद्रास हाईकोर्ट में भी इस मामले को लेकर कानूनी कार्यवाही जारी है।





