नेपाल के पूर्व उप प्रधानमंत्री टोप बहादुर रायमाझी को कोर्ट ने चार साल की जेल की सजा सुनाई है। वह भूटानी शरणार्थियों को नेपाली नागरिक बताकर अमेरिका भेजने की धोखाधड़ी वाली योजना में दोषी पाए गए।
नेपाल के पूर्व उप प्रधानमंत्री टोप बहादुर रायमाझी को कोर्ट ने चार साल की जेल की सजा सुनाई है। वह भूटानी शरणार्थियों को नेपाली नागरिक बताकर अमेरिका भेजने की धोखाधड़ी वाली योजना में दोषी पाए गए। पूर्व गृह मंत्री बाल कृष्ण खंड को भी दो साल की सजा सुनाई गई। यह मामला ‘नकली भूटानी शरणार्थी घोटाले’ के नाम से जाना जाता है।
काठमांडू ज़िला अदालत के जज तेज बहादुर खड़का की एकल पीठ ने दोषी ठहराए गए 16 लोगों की सजा तय करते हुए रायमाझी पर 40,000 नेपाली रुपये और खंड पर 20,000 नेपाली रुपये का जुर्माना लगाया।
कोर्ट ने आदेश में कहा कि इसने सीधे तौर पर नेपाली नागरिकों की गरिमा को कलंकित किया है। यह मामला 24 मई 2023 को 30 लोगों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी, संगठित अपराध और देश के खिलाफ अपराधों के आरोपों में दर्ज किया गया था।
मई और जुलाई 2024 में दो सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गईं। कोर्ट ने 16 आरोपितों को दोषी ठहराया, सात को बरी कर दिया और आदेश दिया कि आठ फरार आरोपितों के खिलाफ कार्यवाही तब तक रोक दी जाए जब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता।
नेपाल में नकली नोट रैकेट चलाने में गिरफ्तार छह आरोपितों में एक भारतीय भी
नेपाल में नकली नोट छापने वाले गिरोह का राजफाश करते हुए बुधवार को छह लोगों की गिरफ्तारी की गई। इनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। उनके पास से 6,22,000 नेपाली रुपये के नकली नोट जब्त किए गए। ये गिरफ़्तारियां लुंबिनी प्रांत के बुटवल शहर में मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गईं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने बुटवल में एक घर पर छापा मारा और बंगाल के रहने वाले 49 वर्षीय बसु मित्रा आनंद और पांच नेपाली नागरिकों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से नकली नोट छापने की मशीनें, फोटोकापी मशीन, लैपटॉप, प्रिंटर आदि जब्त किए गए।





