बाराबंकी (मसौली)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव के अंतर्गत ग्राम पंचायत ज्योरी में नवनिर्मित डिलीवरी प्वाइंट (प्रसव केंद्र) पर पहली सफल डिलीवरी के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की औपचारिक शुरुआत हो गई। मंगलवार रात यहां एक स्वस्थ शिशु के जन्म के साथ केंद्र में पहली किलकारी गूंजी। बुधवार को अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधेस्वामी ने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य की जानकारी ली। शासन की ओर से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत स्तर पर एएनएम सेंटरों को डिलीवरी प्वाइंट के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इसी क्रम में ग्राम पंचायत ज्योरी में स्थापित डिलीवरी प्वाइंट पर पहली सफल डिलीवरी कराई गई। जानकारी के अनुसार, दहेजिया गांव की एक प्रसूता ने सीएचओ प्रिया वर्मा और एएनएम रिंकी मौर्य की देखरेख में सुरक्षित प्रसव किया, जिसमें एक स्वस्थ शिशु का जन्म हुआ। इस उपलब्धि के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने केंद्र पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधेस्वामी के साथ उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कमल बाश, डॉ. पंकज चौधरी तथा सीएचसी बड़ागांव के अधीक्षक डॉ. राधेश्याम गौड़ भी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने डिलीवरी प्वाइंट पर उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों, दवाइयों और स्टाफ की उपलब्धता की समीक्षा की तथा प्रथम शिशु के जन्म पर स्वास्थ्यकर्मियों को बधाई दी। डॉ. राधेस्वामी ने कहा कि गांवों में डिलीवरी प्वाइंट शुरू होने से गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए दूर-दराज के अस्पतालों तक नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय पर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने में भी मदद मिलेगी। इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव का भी निरीक्षण किया। इस दौरान लेबर रूम, ओपीडी कक्ष, जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) वार्ड और जनरल वार्ड की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।





