बाल अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अभियान के तहत बुधवार को कम्पोजिट विद्यालय शहवाज़पुर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन और प्रयत्न संस्था के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों को बाल विवाह, बाल मजदूरी और बाल तस्करी जैसे गंभीर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए इनके खिलाफ आवाज उठाने का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने बाल विवाह के खिलाफ शपथ ली और यह संकल्प लिया कि वे अपने आसपास होने वाले किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की जानकारी तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या पुलिस आपातकालीन सेवा 112 पर देंगे, ताकि समय रहते ऐसे मामलों को रोका जा सके। संस्था के प्रभारी गौरीशंकर चौधरी ने बच्चों को संबोधित करते हुए बाल अपराधों के विभिन्न स्वरूपों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य तभी सफल होगा, जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाए। उन्होंने बच्चों को समाज में जागरूकता फैलाने की सबसे मजबूत कड़ी बताते हुए बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ आगे आने और दूसरों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में फील्ड कोऑर्डिनेटर सिराज अहमद ने भी बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। विद्यालय इंचार्ज मौ, जीशान, अध्यापक महा सिंह, सचिन कुमार, विजय पाल सिंह, फरमान हुसैन, शगुफ्ता आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं स्टाफ कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने बाल अपराध मुक्त सम्भल बनाने का संकल्प दोहराया और समाज में बाल विवाह, बाल मजदूरी एवं बाल तस्करी जैसी कुरीतियों को समाप्त करने के लिए मिलकर कार्य करने का संदेश दिया।





