जलालपुर, अंबेडकर नगर। नगर पालिका परिषद जलालपुर में ई-रिक्शा संचालन व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को उस समय विरोध प्रदर्शन हुआ, जब दर्जनों अधिकृत ई-रिक्शा चालकों ने अपनी गाड़ियां नगर पालिका परिषद परिसर के सामने खड़ी कर प्रदर्शन किया और अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अवैध रूप से संचालित ई-रिक्शों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
चालकों का आरोप है कि 31 मार्च 2026 को टैक्स वसूली का टेंडर समाप्त हो गया था, लेकिन 1 अप्रैल से अब तक नया टेंडर जारी नहीं किया गया। इस बीच बिना नंबर और बिना अनुमति के कई ई-रिक्शे निर्धारित मार्गों पर खुलेआम सवारियां ढो रहे हैं, जिससे नियमों का पालन करने वाले चालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
प्रदर्शन कर रहे चालकों ने बताया कि जलालपुर-जमालपुर चौराहा से हाजपुरा चौराहा मार्ग पर करीब 25 ई-रिक्शे नगर पालिका के निर्धारित नंबर और नियमों के अनुसार संचालित होते हैं। सभी चालक नगर पालिका को निर्धारित निर्माण कर एवं चुंगी कर का भुगतान करते हैं तथा अधिकृत टोकन लेकर ही वाहन चलाते हैं। इसके बावजूद बिना नंबर वाले ई-रिक्शा चालक उसी मार्ग पर सवारियां भरकर संचालन कर रहे हैं, जिससे अधिकृत चालकों की आय लगातार प्रभावित हो रही है।
चालकों ने अधिशासी अधिकारी अरविंद कुमार को संबोधित ज्ञापन में मांग की कि बिना नंबर एवं अवैध रूप से संचालित ई-रिक्शों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए। साथ ही जल्द नया टेंडर जारी कर टैक्स वसूली एवं संचालन व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए, ताकि नियमों का पालन करने वाले चालकों के हित सुरक्षित रह सकें।
प्रदर्शन में होरीलाल, छोटेलाल, राम प्रसाद, दयाल, संदीप, प्रेमसागर समेत बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक मौजूद रहे। इस संबंध में नगर पालिका परिषद जलालपुर के अधिशासी अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि नगर पालिका की ओर से यह निर्धारित नहीं किया गया है कि किस नंबर का ई-रिक्शा कब चलेगा। उन्होंने कहा कि नगर पालिका केवल प्रति ई-रिक्शा प्रतिदिन एक बार निर्धारित शुल्क की वसूली करती है। कोई वाहन दिनभर में कितने चक्कर लगाता है या उसका नंबर आगे-पीछे कैसे संचालित होता है, इससे नगर पालिका का कोई लेना-देना नहीं है।





