कानपुर। सामाजिक संस्था को एक लाख रुपये का डोनेशन देने का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक शिक्षक को अपने जाल में फंसा लिया। लखनऊ बुलाकर होटल के कमरे में उन्हें बंधक बनाया गया, मोबाइल फोन कब्जे में लेकर संस्था के बैंक खाते के जरिए 4.93 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन कराया गया। आरोप है कि यह रकम 32,800 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई। मामले का खुलासा तब हुआ जब शिक्षक के बैंक खाते के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर 52 शिकायतें दर्ज हो गईं।
कल्याणपुर के नवशीलधाम फेज-2 निवासी आशीष कुमार सिंह, जो एक विद्यालय में गणित के शिक्षक होने के साथ रुद्र समागम सेवा एवं शिक्षा समिति के सचिव भी हैं, ने पुलिस को बताया कि 19 नवंबर 2025 को राहुल नामक व्यक्ति ने संस्था की सराहना करते हुए एक लाख रुपये का डोनेशन देने की बात कही और जरूरी दस्तावेज लेकर लखनऊ बुलाया।
20 नवंबर को आशीष लखनऊ के सुल्तानपुर रोड स्थित एक होटल पहुंचे, जहां राहुल और उसके साथियों ने कथित तौर पर उन्हें बंधक बना लिया। उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया, जिस पर संस्था के बैंक खाते से जुड़े ओटीपी आते थे। आरोप है कि इसी दौरान लैपटॉप के माध्यम से संस्था के एक्सिस बैंक खाते में करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया गया।
शिक्षक के मुताबिक संस्था के अध्यक्ष ने संदिग्ध संदेश मिलने पर बैंक खाता ब्लॉक करा दिया था, लेकिन आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देकर खाता दोबारा चालू कराने के लिए मजबूर किया। आरोप है कि 22 नवंबर तक उन्हें बंधक बनाकर रखा गया और बाद में छोड़ते समय धमकी दी गई कि खाते में आई 4.93 करोड़ रुपये की रकम विभिन्न खातों में भेजी जा चुकी है। यदि कोई लेनदेन अटक गया तो पूरे परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा। दो दिन बाद आरोपियों ने उन्हें दोबारा बुलाकर फिर धमकाया।
पीड़ित का कहना है कि बाद में बैंक से जानकारी मिली कि संस्था के खाते में आई पूरी रकम 32,800 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। इसके बाद उनके खाते के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) में 52 शिकायतें दर्ज हुईं, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ।
डीसीपी पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि शिक्षक की तहरीर पर राहुल, इमरान और उनके एक अन्य साथी के खिलाफ कल्याणपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। मोबाइल लोकेशन के आधार पर उनकी पहचान कर ली गई है और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लखनऊ रवाना की गई है।





