अवधनामा संवाददाता राष्ट्रीय भ्रष्टाचार दमन की एक बैठक परिषद के प्रशासनिक कार्यालय हल्लू सराय चामुण्डा कालोनी में संपन्न हुई जिसमें सेंट्रल ड्रग्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशंस कि रिपोर्ट पर चिंता व्यक्त की गयी जिसमें मैं 2026 में 157 दवाइयो में खामियां पायी गयी है। बैठक में परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष के के मिश्र ने कहा कि देश की नई दवाई कंपनियां जो की करोड़ों का व्यापार करती है वही देश की जनता के स्वास्थ्य व उनके पैसे के साथ खिलवाड़ कर रही हैं सीडीओ की रिपोर्ट में इनकी दवाइयां क्वालिटी टेस्ट में फेल पाई गई है इन दावों में कॉटन की पट्टी से लेकर बैक्टीरिया इंफेक्शन तक की दवा शामिल है इन दावों में साल्ट कांबिनेशन तथा ड्रग्स मंत्र सही नहीं है बुखार में दर्द की दवा पेरासिटामोल डाइक्लोफिनेक जैसी दवाई में साल्ट कांबिनेशन सही नहीं यह दवाइयां मैरिज पर बीमारी पर क्या प्रभाव डालेगी ऐसा करके यह नामी कंपनियां जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं वही जनता की मेहनत की कमाई पर प्रहार कर रही हैं इन कंपनियों में फार्मा इंडस्टरीज सिपला कंपनी सन फार्मा आदि नामी कंपनियां शामिल है जो की प्रतिमा किसी न किसी रूप में जनता के साथ खिलवाड़ करती है सरकार को उनके सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता है । इन दवाओ में ऑगमेंटिन 6.25 ,मोक्स क्लेप 6.25 ,क्लोविन 6.25 , एमोक्सलीन पोटेशियम, पेरासिटामोल, डाइक्लोफेनेक, रेवी पाजोल एसपाइरेन 75 mg आदि 157 दवाईयों शामिल है जो कि गुणवत्ता परीक्षण में फेल पायी गयी है। जब यह क दवाइयों गुणवत्ता परीक्षण में फेल होने पर रोग को कितना ठीक करेगी यह कितनी कारागर साबित होगी ऐसा होने पर जनता का पैसा बर्बाद जा रहा है।
बैठक में वक्ताओं ने ऐसी दवाइयों जिनका मानक ठीक नहीं है के निर्माता कम्पनी के प्रति सख्त कार्यवाही की मांग की ताकि किसी भी प्रकार जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो सके इस सन्दर्भ में एक ज्ञापन मा० राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू , एवं मा. प्रधानमन्त्री श्री मान नरेन्द्र मोदी जी, केन्द्रीत रसायन एवं उर्वरक यंत्री श्री मान जे० पी० नड्डा , एवं श्री मती अनुप्रिया पटेल को भेजा जाएगा जिसमें परिषद यह मांग करेंगे कि ऐसी कंपनियां जिनकी दवाइयां की गुणवत्ता में कमी है उन पर बैन लगाया जाए तथा इसकी जांच की जाए बैठक में वक्ताओं ने कहा की आयुर्वेदिक एवं यूनानी होम्योपैथिक दवाइयां की भी गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए तथा अगर गुणवत्ता में वह साल्ट कांबिनेशन में कमी पाई जाने पर कंपनी की के खिलाफ कार्रवाई की जाए आर्थिक दंड के तहत वसूली कर राष्ट्रीय कोष में जमा कराये। बैठक में यह भी तय किया गया कि परिषद मिलावट और अशुद्धता के खिलाफ अभियान चलाएंगे बैठक में शाहिद हुसैन, डी॰पी॰ शर्मा, जितेंद्र मिश्रा, मो॰ अली हाजी हाशमी अली, ज्ञानेंद्र एडवोकेट रवि गुलाटी एडवोकेट, बृजेश यादव, होराम सिंह, एस॰ वी॰ दीवाना, इकराम वारसी, संजीव शर्मा, राकेश बाषणेय, सतीश शर्मा, सुधीर गर्ग, हाजी बब्बू, अमित गौतम, शाहनवाज सम्भली ज्ञान प्रकाश उपाध्याय आदि ने विचार व्यक्त किये। अध्यक्षता के॰ के॰ मिश्र व संचालन डी॰ पी॰ शर्मा ने किया।





