लखनऊ, 01 जुलाई। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित दीक्षोत्सव-2026 के अंतर्गत बुधवार को विभिन्न विद्यालयों में साहित्यिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों में सृजनात्मकता, अभिव्यक्ति-कौशल, सांस्कृतिक चेतना तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास करना था।

अपर प्राइमरी स्कूल, ककौली में कहानी एवं कविता लेखन प्रतियोगिता के दौरान अपनी रचनाएं प्रस्तुत करते छात्र-छात्राएं।
अपर प्राइमरी स्कूल, ककौली में कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए “मेरी माँ” विषय पर कहानी एवं कविता लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 20 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने मातृत्व, प्रेम, त्याग और संस्कारों को अपनी रचनाओं में प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में कक्षा 8 की वैष्णवी सिंह ने प्रथम, कक्षा 7 की सायना ने द्वितीय तथा कक्षा 6 की माही मिश्रा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के शिक्षकों एहतेशाम अहमद एवं अपेक्षा सिंह के सहयोग से संपन्न हुआ।

ब्लूबर्ड स्कूल में काव्य लेखन प्रतियोगिता में सहभागिता करते विद्यार्थी ” ।
इसी क्रम में विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए ग्राम अल्लूनगर डिगुरिया स्थित ब्लू बर्ड स्कूल में कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए “मेरी माँ” विषय पर कहानी कथन प्रतियोगिता आयोजित की गई। सहायक आचार्य डॉ. रत्नेश कुमार सिंह एवं डॉ. अंकिता अग्रवाल के संचालन में आयोजित इस प्रतियोगिता में 15 विद्यार्थियों ने भाग लेते हुए अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, अभिव्यक्ति-कौशल एवं सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देना था।

“मेरी माँ” विषय पर कहानी कथन प्रतियोगिता में प्रतिभा दिखाते विद्यार्थी
ब्लू बर्ड स्कूल में ही कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए “मेरी संस्कृति मेरी पहचान” तथा “स्वस्थ भारत-स्वच्छ भारत” विषयों पर काव्य लेखन प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। विद्यार्थियों ने संस्कृति, स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े विषयों पर संदेशपरक एवं प्रभावशाली कविताएं प्रस्तुत कर अपनी कल्पनाशीलता और सामाजिक जागरूकता का परिचय दिया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. नलिनी मिश्रा के निर्देशन में हुआ, जबकि डॉ. कृष्ण मुकुन्द एवं डॉ. अमृता यादव ने समन्वयक के रूप में कार्यक्रम का सफल संचालन किया।





