लखनऊ: एरा विश्वविद्यालय, लखनऊ में आज ‘विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस’ के अवसर पर स्वास्थ्य जागरूकता अभियान और पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों, चिकित्सा छात्रों और समाज को सिकल सेल रोग के प्रति जागरूक करना तथा इसके समय पर निदान व प्रभावी प्रबंधन के महत्व को समझाना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अब्बास अली महदी रहे। उन्होंने अपने संबोधन में भारत के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर जनजातीय इलाकों में सिकल सेल एनीमिया के प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस अनुवांशिक बीमारी के नियंत्रण के लिए स्क्रीनिंग, समय पर पहचान और उचित उपचार की आवश्यकता पर बल देते हुए चिकित्सा छात्रों को समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर डीन एमेरिटस प्रो. (डॉ.) एम.एम.ए. फरीदी और प्राचार्य प्रो. (डॉ.) जमाल मसूद भी उपस्थित रहे।
बायोकैमिस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष और आयोजन सचिव प्रो. (डॉ.) तारिक महमूद ने सभी का स्वागत किया। इसके बाद आयोजित वैज्ञानिक सत्र में मेडिसिन विभाग के प्रो. (डॉ.) वैभव शुक्ल, पीडियाट्रिक्स विभाग की डॉ. सुमैया शम्सी और पैथोलॉजी विभाग के डॉ. शारिक अहमद ने बीमारी के चिकित्सीय और निवारक पहलुओं पर महत्वपूर्ण व्याख्यान दिए।
पोस्टर प्रतियोगिता का आकर्षण
कार्यक्रम के दौरान एमबीबीएस छात्रों के लिए एक पोस्टर प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें 25 टीमों ने अपनी रचनात्मकता के जरिए सिकल सेल रोग से जुड़े जागरूकता संदेश दिए। विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा मूल्यांकन के बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली शीर्ष पांच टीमों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन डॉ. शिराज रिजवी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह सफल आयोजन स्वास्थ्य जागरूकता और निवारक चिकित्सा के प्रति एरा विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।





