लंबित मांगों के निराकरण की उठाई मांग, चेतावनी- कार्रवाई न होने पर होगा विधानसभा घेराव
हमीरपुर। अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सोमवार को ग्राम रोजगार सेवकों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। ग्राम रोजगार वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले जिले भर से पहुंचे रोजगार सेवकों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान रोजगार सेवक हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे तथा “मुख्यमंत्री वादा निभाओ” और “कदम से कदम मिलाएंगे, रोजगार सेवक अपना हक दिलाएंगे” जैसे नारे लगाए। इसके बाद उन्होंने धरना देकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष किरण सिंह ने कहा कि 4 अक्टूबर 2021 को मुख्यमंत्री द्वारा रोजगार सेवकों के लिए एचआर पॉलिसी लागू करने, मानदेय वृद्धि, ईपीएफ व्यवस्था सुनिश्चित करने सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई थीं, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी इन घोषणाओं को धरातल पर लागू नहीं किया गया और न ही कोई शासनादेश जारी हुआ।
उन्होंने कहा कि ग्राम रोजगार सेवकों से जियो टैगिंग, पेंशन सत्यापन, ग्रामीण विकास योजनाओं की निगरानी तथा विभिन्न विभागीय कार्य कराए जाते हैं। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। वर्तमान में उन्हें मात्र 7,700 रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है, जो कई बार महीनों की देरी से प्राप्त होता है।
रोजगार सेवकों ने यह भी आरोप लगाया कि ईपीएफ की कटौती तो की जाती है, लेकिन जमा की गई राशि और उसके विवरण के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती।
ज्ञापन के माध्यम से रोजगार सेवकों ने एचआर पॉलिसी तत्काल लागू करने, मानदेय में वृद्धि करने, सेवाओं का नियमितीकरण करने तथा ईपीएफ से संबंधित सभी अभिलेख उपलब्ध कराने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी 1 जुलाई को विधानसभा का घेराव कर प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन में जिले के विभिन्न विकास खंडों से आए बड़ी संख्या में ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहे।





