योग जागरूकता रैली निकालकर दिया स्वास्थ्य एवं फिटनेस का संदेश
हमीरपुर। बारहवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में जनपद में सोमवार से योग सप्ताह-2026 का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। 15 जून से 21 जून तक आयोजित होने वाले योग सप्ताह के प्रथम दिन स्थानीय स्पोर्ट्स स्टेडियम में योगाभ्यास एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” निर्धारित की गई है।
कार्यक्रम का शुभारंभ सदर विधायक डॉ. मनोज प्रजापति, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष कुलदीप निषाद तथा क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. निरेन्द्र बहादुर सिंह ने महर्षि पतंजलि की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। उन्होंने नागरिकों से नियमित योगाभ्यास को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया तथा विशेष रूप से वृद्धावस्था में बेहतर स्वास्थ्य और सक्रिय जीवन के लिए योग को उपयोगी बताया।
कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक डॉ. बृजेश कश्यप, योग सहायक अमित कुमार बाथम एवं उनकी टीम ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया। बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास में भाग लिया।
योगाभ्यास के बाद जनजागरूकता के उद्देश्य से योग जागरूकता रैली निकाली गई। रैली स्पोर्ट्स स्टेडियम से प्रारंभ होकर कलेक्ट्रेट गेट, अकिल तिराहा, विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, रमेडी तिराहा और जेल रोड होते हुए पुनः स्टेडियम पहुंचकर संपन्न हुई। रैली के माध्यम से नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा योग के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में जिला क्रीड़ाधिकारी, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. रवीन्द्र प्रताप सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (आयुष) सुजीत कुमार, नोडल अधिकारी डॉ. छन्दीलाल, डॉ. बृजेश कुमार त्रिपाठी, डॉ. आशीष पाण्डेय, डॉ. विकास जायसवाल, डॉ. प्रियंका प्रजापति, डॉ. उपासना मिश्रा सहित आयुष विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।
आयोजकों ने बताया कि योग सप्ताह के दौरान जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में योग शिविर, जागरूकता कार्यक्रम एवं विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को योग से जोड़कर स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा सकें।





