सिद्धार्थनगर। शुक्रवार को विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में नौगढ़ तहसील स्थित सभागार कक्ष में “सुरक्षित बचपन, सुरक्षित भविष्य “कार्यक्रम के तहत बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम 2012 के बारे एक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन कर लोगो को पॉस्को ऐक्ट के बारे में जानकारी दी गई।
सदर तहसीलदार देवेंद्र मणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित उक्त जागरूकता गोष्ठी में बच्चों और अभिभावकों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और अपने अपने विचार साझा किए।इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पैरा लीगल वालेंटियर (कानून मित्र ) राज कुमार भारती, देवेन्द्र श्रीवास्तव और सिद्धार्थ गौतम ने बारी बारी से अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि बच्चों को यौन अपराध तथा शोषण से बचाने हेतु पास्को ऐक्ट 2012 एक प्रभावशाली कानून है।
उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यौन शोषण, उत्पीड़न और बाल पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर अपराधों से बच्चों को बचाने के लिए यह एक अत्यंत प्रभावी कानून है। जिसमें सामान्य यौन उत्पीड़न पर भी कम से कम 3 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास और गंभीर मामलों में 20 वर्ष या मृत्युदंड की सजा तक प्राविधानित है।
बच्चों के शोषण या फिर यौन उत्पीड़न की जानकारी मिलते ही चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 या पुलिस को सूचना अवश्य दें। लीगल वालेंटियर्स ने बताया कि इस कानून का मूल उद्देश्य बच्चों को यौन उत्पीड़न और शोषण से बचाना है। इसके तहत उन्हें सुरक्षित तथा असुरक्षित स्पर्श की पहचान, सीमाओं का सम्मान, गुड टच और बैड टच के बीच का अंतर अवश्य समझाया गया।
इस मौके पर राजस्व निरीक्षक अजय कुमार बख्शी, राजेश गुप्त, सूरज त्रिपाठी ,अनिल श्रीवास्तव, विजय श्रीवास्तव, रोशनी गौतम, प्रीति पाण्डेय, बजरंगी, दिलीप मौर्य, शैलेश, शिव कुमार कन्नौजिया आदि तहसील कर्मियों के साथ तमाम अभिभावक गण और स्कूली बच्चे मौजूद रहे।





