सोने की बढ़ती कीमतों के बीच मंदिरों के सोने के मुद्रीकरण की अफवाहों पर सरकार ने स्पष्टीकरण दिया है। वित्त मंत्रालय ने इन खबरों को पूरी तरह से झूठा और निराधार बताया है।
सोने और चांदी की बढ़ती कीमतों के बीच एक खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि सरकार भारत के विभिन्न मंदिरों में रखे सोने का मोनेटाइजेशन यानी मुद्रीकरण करेगी। इस खबर को लेकर सरकार का जवाब भी आ गया है। सरकारी जवाब के अनुसार यह खबर पूरी तरह से फेक है। सरकार का ऐसा कोई प्लान नहीं है।
मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस ने इस फेक खबर को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया। पोस्ट में लिखा गया कि यह अटकलें और अफवाहें कि सरकार पूरे देश में मंदिर ट्रस्टों या किसी भी धार्मिक संस्था के पास रखे सोने के लिए मुद्रीकरण योजना शुरू करने की योजना बना रही है, पूरी तरह से झूठी, भ्रामक और निराधार हैं।
नहीं होगा मंदिरों में रखे सोने का मुद्रीकरण
सोशल मीडिया पर वायरल हुई खबर के बाद लोगो के मन में एक सवाल उठ गया था कि क्या सरकार केरलम के श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर से लेकर आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में रखे सोने को सरकार बेच देगी? लेकिन सरकार ने जवाब देकर सभी की कन्फ्यूजन को दूर कर दिया है।
PIB की रिपोर्ट में लिखा गया – “यह भी स्पष्ट किया जाता है कि ऐसे दावे, जिनमें यह कहा गया है कि मंदिर के शिखरों, दरवाजों या मंदिर की अन्य संरचनाओं पर लगी सोने की प्लेटों को “भारत का रणनीतिक स्वर्ण भंडार” माना जाएगा, पूरी तरह से झूठे, भ्रामक और निराधार हैं।”
सरकार ने कहा कि नागरिकों से अनुरोध है कि वे ऐसी अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही उन्हें आगे फैलाएं। बिना पुष्टि वाली जानकारी फैलाने से अनावश्यक भ्रम पैदा होता है और जनता गुमराह हो सकती है।
आधिकारिक माध्यमों से जानकारी प्राप्त करें
सरकार ने इस वायरल खबर को फेक और भ्रामक बताते हुए कहा देश के नागरिकों से आग्रह किया कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से जारी की गई आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। नीतिगत निर्णयों या सरकारी योजनाओं से संबंधित कोई भी जानकारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी वेबसाइटों और सत्यापित सार्वजनिक संचार मंचों के माध्यम से ही साझा की जाएगी।
सरकारी जवाब आने के बाद यह क्लियर हो गया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबर भ्रामक है। यानी देश के मंदिरों में रखे लाखों टन सोने का मोनेटाइजेशन करने की सरकार की कोई योजना नहीं है।





