कोई भी पैकेज्ड फूड आइटम खरीदने से पहले लेबल चेक करना काफी जरूरी है। ऐसा करना कई बीमारियों से बचाव में मददगार हो सकता है।
आज के भागदौड़ भरी जिंदगी में पैकेट बंद खाना हमारी रसोई और डाइट का एक अहम हिस्सा बन चुके हैं। सुपरमार्केट में सजे रंग-बिरंगे और अट्रैक्टिव पैकेट्स हमें अपनी ओर खींचते हैं, लेकिन क्या आप कभी ये जानने की कोशिश करते हैं कि उन पैकेट्स के अंदर बंद खाना आपकी सेहत के लिए कितना सही है?
ज्यादातर लोग एड्स और पैकेजिंग देखकर सामान खरीदते हैं, जबकि असल कहानी पैकेट के पीछे लिखे फूड लेबल में छिपी होती है। इसलिए पैकेट बंद फूड्स खरीदने से पहले उसके पीछे का लेबल पढ़ना काफी जरूरी है। आइए जानें इस बारे में।
क्या कहती है रिसर्च?
साइंस डायरेक्ट में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, जो लोग खरीदारी करते समय फूड लेबल को ध्यान से पढ़ते हैं, उनकी डाइट की क्वालिटी उन लोगों के मुकाबले कहीं बेहतर होती है जो इसे नजरअंदाज कर देते हैं। आजकल तकनीक ने इसे और भी आसान बना दिया है। आप अलग-अलग मोबाइल ऐप्स की मदद से भी इन लेबल्स को स्कैन करके खाने की गुणवत्ता समझ सकते हैं।

फूड लेबल पढ़ने के फायदे
सही पोषण- हर व्यक्ति की शारीरिक जरूरतें अलग होती हैं। लेबल को पढ़कर आप जान सकते हैं कि उस प्रोडक्ट में कौन-कौन से इंग्रीडिएंट्स कितनी मात्रा में मौजूद हैं। यह आपको अपने हेल्थ गोल्स के अनुसार सही न्यूट्रीशन चुनने में मदद करता है। मान लीजिए कि अगर आपको ज्यादा प्रोटीन की जरूरत है, तो लेबल आपको सही खाना चुनने में गाइड करेगा।
छिपी हुई शुगर और अनहेल्दी फैट से बचाव- कई बार पैकेज्ड फूड के सामने वाले हिस्से पर हेल्दी या नेचुरल लिखा होता है, लेकिन पीछे मुड़कर देखने पर सच्चाई कुछ और ही निकलती है। कई प्रोडक्ट्स में भारी मात्रा में शुगर और ट्रांस फैट छिपे होते हैं, जो पहली नजर में समझ नहीं आते। जब आप लेबल पढ़ते हैं, तो आप इन हानिकारक तत्वों को आसानी से पहचान सकते हैं और अपनी सेहत से खिलवाड़ होने से रोक सकते हैं।
गंभीर बीमारियों के खतरे में कमी- ज्यादा मात्रा में नमक, चीनी और खराब फैट लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों जैसे डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के जोखिम को बढ़ा देता है। अगर आप लेबल पढ़ने की आदत डाल लेते हैं, तो आप इन फूड्स को खाने की मात्रा पर कंट्रोल कर सकते हैं, जिससे कई गंभीर बीमारियों से बचाव में मदद मिलेगी।





