Tuesday, May 5, 2026
spot_img
HomeUttar PradeshAmbedkar Nagarगेहूं खरीद में घोटाले का आरोप बोरी कमी का बहाना बिचौलियों से...

गेहूं खरीद में घोटाले का आरोप बोरी कमी का बहाना बिचौलियों से सांठगांठ अधिकारी प्रभारी मौन

अंबेडकरनगर तिवारीपुर क्रय केंद्र (अंबेडकर नगर से महज 8 किमी दूर) – किसानों की फसल लुट रही है, सरकारी तंत्र आंखें मूंदे बैठा है!प्यारेपुर गांव के किसान पुनीत कुमार (पुत्र रामपति वर्मा), सुनील वर्मा (पुत्र सभाजीत), रामदयाल वर्मा (पुत्र स्वर्गीय सीताराम वर्मा) समेत दर्जनों किसान रोजाना गेहूं लेकर तिवारीपुर क्रय केंद्र पहुंचते हैं। लेकिन हर बार एक ही जवाब – “बोरी (बोरा) नहीं है, कल आना!” ऑनलाइन पंजीकरण करा रखा है, फिर भी उन्हें गुमराह कर वापस भेज दिया जाता है।

किसानों का आरोप सीधा है केंद्र प्रभारी और साहूकार मिले हुए हैं। साहूकार ₹100 प्रति क्विंटल कम दाम पर गेहूं खरीद लेते हैं, फिर वही गेहूं क्रय केंद्र पर बेच दिया जाता है और लक्ष्य पूरा कर लिया जाता है। एक किसान ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “हम MSP (लगभग ₹2585 प्रति क्विंटल) का इंतजार करते हैं, लेकिन मजबूरी में साहूकारों को 2100-2200 रुपये में बेचना पड़ रहा है। केंद्र वाले बोरी का बहाना बनाकर साहूकारों का खेल चला रहे हैं।”बड़े सवाल जो उठ रहे हैं:बोरी कहां गायब हैं?

विभाग दावा करता है कि पर्याप्त बोरी उपलब्ध हैं, फिर कमी क्यों? क्या सप्लाई चेन में घोटाला है या जानबूझकर किसानों को साहूकारों की तरफ धकेला जा रहा है?ऑनलाइन पंजीकरण का मजाक? किसान ऑनलाइन रजिस्ट्री कराते हैं, फिर भी वापस लौटाए जाते हैं। लक्ष्य पूरा करने के लिए साहूकारों का गेहूं प्राथमिकता से लिया जा रहा है?यह किसानों की मेहनत पर साजिश है, जहां सरकारी योजनाओं का फायदा बिचौलिए और कुछ बेईमान अधिकारी उठा रहे हैं।क्या यूपी के किसान, जो अन्नदाता कहलाते हैं, हर साल इसी तरह लुटते रहेंगे?

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular