कानपुर। अग्निशमन सेवा स्मृति दिवस के अवसर पर मंगलवार को जनपद में शहीद अग्निशमन कर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वर्ष 1944 में मुंबई के एसएस फोर्ट स्टिकाइन जहाज में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी की घटना में अपने प्राणों की आहुति देने वाले 66 वीर अग्निशमन कर्मियों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को पूरे सम्मान के साथ याद किया गया।
इस अवसर पर पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के निर्देशन में जनपद के सभी अग्निशमन केंद्रों पर शोक परेड आयोजित की गई। परेड के दौरान दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को नमन किया गया और उनके बलिदान को सदैव स्मरण रखने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अग्निशमन सेवाओं की महत्ता और जोखिम भरे कर्तव्यों को रेखांकित किया।
प्रातः 10:30 बजे पुलिस आयुक्त द्वारा हरी झंडी दिखाकर अग्नि सुरक्षा जन-जागरूकता रैली का शुभारंभ किया गया। यह रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों से होकर गुजरी, जहां लोगों को आग से बचाव के उपायों और आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई।
रैली के माध्यम से नागरिकों को गैस सिलेंडर के सुरक्षित उपयोग, विद्युत उपकरणों के रख-रखाव, आग लगने की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया और अग्निशमन विभाग को समय पर सूचना देने के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी लापरवाही से बचें, जिससे बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
इस मौके पर अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. विपिन ताडा एवं पुलिस उपायुक्त लाइन्स श्रीमती शिवा सिंह भी उपस्थित रहीं। दोनों अधिकारियों ने अग्निशमन कर्मियों की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि उनका समर्पण समाज के लिए प्रेरणा है। अग्निशमन सेवा स्मृति दिवस न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देने का अवसर है, बल्कि यह दिन आमजन को सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश भी देता है।





