संभलःअवधनामा मौलाना मीसम अब्बास ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा है कि अल्लाह की इबादत अपने मन के लिए न करें बल्कि अल्लाह के लिए करे मौलाना नूरियो सराय स्थित इमाम बारगाह फरमान हुसैन में आयोजित मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि अपने मन की इच्छा के लिए की गयी अल्लाह की इबादत अल्लाह की बारगाह में क़बूल नहीं होगी अल्लाह की मर्जी के मुताबिक अल्लाह की इबादत करे जो बारगाह ए इलाही में क़बूल हो जाये।
मौलाना ने सैय्यद अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सैय्यद अली खामेनेई की याद हमेशा दुनिया में बाकी रहेगी हंक और इंसानियत को बचाने के लिए सैय्यद अली खामेनेई शहीद हुए हैं और शहीद हमेशा जिंदा रहते हैं उनकी याद बाकी रहती है मौलाना ने कहा कि आज सैय्यद अली खामेनेई को सभी धर्मों के लोगों द्वारा याद किया जा रहा है क्योंकि सैय्यद अली खामेनेई ने इजराइल और अमेरिका द्वारा बेकसूर बच्चों औरतों का कत्लेआम किया इंसानियत को शर्मशार करने वाले इजराइल और अमेरिका की दुनिया में निंदा की जा रही है सैय्यद अली खामेनेई जैसे योद्धा को दुनिया कभी नहीं भूलेंगी क्योंकि हंक और इंसानियत की रक्षा करने वालों को हमेशा याद किया जाता है।
मौलाना ने कहा कि लब्बैक या हुसैन की सदाये बुलंद करने वाले सैय्यद अली खामेनेई के लिए लब्बैक या खामेनेई की दुनिया भर में सदाये बुलंद हैं मजलिस के अन्त में मौलाना ने ईरान में शहीद हुए स्कूल की बच्चियों को याद करते हुए इमाम हुसैन की बच्ची बीबी सकीना की शहादत बयान की जिसको सुनकर मजलिस में मौजूद लोगों की आंखों से अशक जारी होने लगे मजलिस में मर्सिया शमाईम रज़ा आदि ने पेश किया इस दौरान नैय्यर अब्बास अली जहीर साजिद गुफरान हुसैन पैकर संभली नईम हुसैन शाने अब्बास शाह आलम डॉ आबिद हुसैन हैदरी कैंसर बाकरी रहबर हुसैन अरशद हसन आदि शामिल रहे।





